26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हेलमेट का सही तरीके से उपयोग सिर की चोट के जोखिम को करता है कम

विश्व हेड इंजरी अवेयरनेस डे आज : हेलमेट नहीं पहनने से सिर की चोट गंभीर रूप ले सकती है और मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। सिर या मस्तिष्क पर लगने वाली चोट को कभी भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।

less than 1 minute read
Google source verification
हेलमेट का सही तरीके से उपयोग सिर की चोट के जोखिम को करता है कम

हेलमेट का सही तरीके से उपयोग सिर की चोट के जोखिम को करता है कम

जयपुर। दुनिया में सबसे ज्यादा हेड इंजरी का कारण रोड एक्सीडेंट््स हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अस्पताल में भर्ती होना, मृत्यु और विकलांगता का प्रमुख कारण, सड़क दुर्घटनाएं हैं। भारत में सालाना औसतन लगभग 1 लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं के कारण मृत्यु हो जाती हैं। हर साल 20 मार्च को विश्व हेड इंजरी अवेयरनेस डे (world head injury awareness day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पब्लिक में हेड इंजरी के बारे में अवेरनेस लाना है। गाड़ी चलते वक्त हेलमेट पहनना बहुत जरूरी होता है, जिससे चोट, मृत्यु या दुर्घटनाओं से जुड़ी स्वस्थ्य देखभाल में कमी लाई जा सकती है।

नारायणा हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. के.के. बंसल ने बताया कि केवल हेलमेट का सही तरीके से उपयोग, घातक चोटों के जोखिम को 42% और सिर की चोटों के जोखिम को 69% तक कम कर सकता है। भारत में हर घंटे औसतन 6 दुपहिया वाहन चालकों की मौत सड़क दुर्घटनाओं के कारण हो जाती है। ऐसे में गाड़ी चलते वक्त हेलमेट पहनना बहुत जरूरी होता है, जिससे चोट, मृत्यु या दुर्घटनाओं से जुड़ी स्वस्थ्य देखभाल में कमी लाई जा सकती है।

न्यूरो सर्जन डॉ. सुरेन्द्र singh धायल ने बताया कि वर्ष 2019 में हेलमेट न पहनने के कारण 44,666 लोगों की मृत्यु हुई, जो की ट्रोमा की भयानकता बयां करती है। हेलमेट नहीं पहनने से सिर की चोट गंभीर रूप ले सकती है और मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। सिर या मस्तिष्क पर लगने वाली चोट को कभी भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि खेलकूद या अन्य शारीरिक गतिविधियों में सिर पर चोट लगने के मामले सामने आते हैं।