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पानी की मांग पर Rajasthan V/S Punjab, ‘खींचतान’ के बीच जानें कौन दे रहा जान देने तक की धमकी?

Rajasthan Punjab Water Politics : राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के किसान सरहिंद फीडर से अतिरिक्त पानी की मांग के लिए किसान आंदोलनरत हैं। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिले थे। मुलाकात के बाद बेनीवाल ने कहा था कि वार्ता सकारात्मक रही।

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Punjab farmers protest against water surrender to Rajasthan

जयपुर।

पंजाब से राजस्थान के किसानों को नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 500 क्यूसेक से बढ़ाकर 1200 करने की उम्मीद मुश्किल में पड़ती दिख रही है। दरअसल, पंजाब सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद वहां विरोध शुरू हो गया है। इसके विरोध में बुधवार को शिरोमणि अकाली दल ने अबोहर के नहरी विभाग कार्यालय पर धरना दिया।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चेतावनी दे डाली है कि पंजाब का एक बूंद पानी भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए जान ही क्यों ने देनी पड़े। धरने में आम आदमी पार्टी सरकार का विरोध जताया गया। आरोप लगाया गया कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव में वोट लेने के लिए आप सरकार पंजाब के नदी जल का सौदा कर रही है।

गौरतलब है कि राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के किसान सरहिंद फीडर से अतिरिक्त पानी की मांग के लिए किसान आंदोलनरत हैं। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिले थे। मुलाकात के बाद बेनीवाल ने कहा था कि वार्ता सकारात्मक रही। बादल ने कहा कि पंजाब का किसान पहले से ही नहरों के पानी पर निर्भर है। राजस्थान को अतिरिक्त पानी दिया तो पंजाब का किसान तबाह हो जाएगा।

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एक-एक बिंदु पर समाधान का आश्वासन
पंजाब सीएम भगवंत मान से वार्ता के नतीजे खुद आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट के माध्यम से साझा की थी। उन्होंने बताया था, 'पंजाब सीएम और मेरे मित्र भगवंत मान और प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब 2 घंटे तक किसानों की मांग के एक-एक बिंदु पर विस्तृत चर्चा हुई। 1250 क्यूसेक पानी की मांग को लेकर जो आंदोलन चल रहा है, उसके समाधान के क्रम में पंजाब सरकार की ओर से जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय ले लिया जाएगा।'

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कांग्रेस-भाजपा नहीं, आरएलपी दे रही किसानों का साथ
बेनीवाल ने आगे कहा, 'समय पर पूरा पानी नहीं मिलने से कपास सहित अन्य फसलों की बुवाई को लेकर किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। बावजूद इसके राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने पानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अनदेखा किया और भाजपा ने भी किसानों के मुद्दे से दूरी बना ली। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।'


सीएम भगवंत मान का स्पष्टीकरण

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत में इस विवादित विषय पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि अभी पंजाब के पास मौजूदा पानी से राज्य की मांग पूरी नहीं हो रही है, ऐसे में अन्य राज्य को पानी देने का सवाल ही नहीं उठता। सीएम मान ने इंदिरा गांधी नहर में मरम्मत के लिए बंदी लेने का ठीकरा राजस्थान सरकार पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि 70 साल से चल रही नहर में 30 दिन पानी और चल सकता था। मार्च-मई में बंदी लेकर राजस्थान सरकार ने अपना 18 हज़ार क्यूसेक पानी बंद कर लिया। मरम्मत का काम करने के लिए तो अक्टूबर में बंदी ली जा सकती थी।