
बीएसएफ अधिकारी की पत्नी लंदन से लौटीं ट्रेनिंग सेंटर
नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस बीमारी से लडऩे के लिए आए दिन सुझाव दिए जा रहे थे। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी ट्वीट कर रेल के डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड बनाने का सुझाव दिया था, जिसे पीएम मोदी ने रीट्वीट भी किया था। भारतीय रेलवे ने सोशल मीडिया से मिले इन सभी सुझावों पर शनिवार को अमल करते हुए ट्रेनों के नॉन-एसी कोच को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करते हुए प्रोटोटाइप तैयार किया है।
कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा
स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेस, हैदराबाद यूनिवर्सिटी के बॉयोकेमिस्ट्री विभाग की फैकल्टी मेंबर सीमा
मिश्रा ने ऐसे सूक्ष्म
कोरोना वायरल पेप्टाइड या मॉलिक्यूल तैयार किए हैं। इनका उपयोग कर शरीर की जीवित और स्वस्थ कोशिकाएं संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए जरूरी प्रतिरोधक क्षमता विकसित करेंगी। यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि संभावित वैक्सीन इस तरह डिजाइन की गई है जो सीधे ही संक्रमित मानवीय कोशिकाओं या प्रोटीन को नष्ट न करके वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने का काम करती है। इसके सटीक नतीजों के लिए अभी प्रायोगिक स्तर पर खोज-परख बाकी है।
हर जोन में 10 कोच वाला रेक
भारतीय रेल ने शनिवार को आइसोलेशन वार्ड का प्रोटोटाइप जारी करते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में बेहतरीन सुविधाएं सुनिश्चित करने के बाद तय किया जाएगा। रेलवे के हर जोन में हर सप्ताह 10 कोच वाला एक रेक तैयार किया जाए। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि जिस क्षेत्र में जरूरत होगी, वहां ये कोच मुहैया कराए जा सकेंगे।
ऐसे तैयार किया प्रोटोटाइप
रेलवे ने प्रोटोटाइप के लिए एक कोच की 6 में से 4 बर्थ, एक ओर की बीच की बर्थ और सामने के ओर की तीनों बर्थ हटा दी हैं। हर कोच में मेडिकल उपकरणों के लिए 220-वोल्ट के इलेक्ट्रिकल पॉइंट भी मुहैया कराए हैं। बाथरूम और दूसरे जगहों में भी बदलाव किए हैं।
Published on:
29 Mar 2020, 12:42 AM IST
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