उत्तर पश्चिम रेलवे को 8637 करोड़ का आवंटन
जयपुर। प्रदेश में रेल की यात्रा अधिक सुगम होने वाली है। रेलवे का आधारभूत ढांचा मजबूत होने के साथ यात्रियों के लिए भी सुविधाओं में इजाफा होगा। वजह है कि इस बार रेल बजट में प्रदेश को वर्ष 2014 के मुकाबले 14 गुना अधिक बजट मिलेगा। राजस्थान के लिए रेलवे को 9532 करोड़ रुपए का बजट का आवंटन किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे को 8637 करोड़ रुपए मिलेंगे। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार देश में प्रतिवर्ष 4500 किलोमीटर नई रेल लाइन, आमान परिवर्तन व दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 7000 किलोमीटर प्रतिवर्ष किया जाएगा। रेलवे लाइनों के दोनों ओर बसे गांवों व शहरों को जोड़ने के लिये इस वर्ष 1000 फ्लाईओवर,फुट ओवर ब्रिज व सब-वे का निमार्ण किया जाएगा।इन्हें इस प्रकार डिजायन किया जाएगा कि बारिश के दिनों में पानी नहीं भरे। इसके अतिरिक्त फ्लाईओवर के साथ फुट ओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आमजन को लम्बा चक्कर नहीं लगाना पडे।
देश के 1275 रेवले स्टेशनों का होगा विकास
देश भर में 1275 स्टेशनों को विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है।48 स्टेशनों पर पुनर्विकास का कार्य प्रारम्भ हो गया है। इन स्टेशनों की डिजायन विरासत और विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है। स्टेशनों पर दिन-प्रतिदिन की आवश्यकताओं की वस्तुओं को ध्यान में रखते हुये 2000 स्टेशनों पर जन सुविधा केन्द्र खोले जाएगे। टिकट और पूछताछ सम्बंधी समस्याओं के निवारण हेतु सिस्टम अपग्रेड किया जाएगा, जिसके तहत वर्तमान में 25,000 टिकट प्रति मिनट की क्षमता को 10 गुना बढ़ाकर 2,25,000 तथा 4,00,000 लाख प्रति मिनट इन्क्वायरी की क्षमता को 40,00,000 लाख प्रति मिनट किया जायेगा।
ट्रेक नवीनीकरण पर खर्च होंगे 520 करोड़
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक विजय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष बजट में रेलवे का आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत बनाने, रेल संरक्षा तथा यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। संरक्षा के लिये इस वर्ष बजट में 1156 करोड़ रूपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। संरक्षा के अहम मद ट्रेक नवीनीकरण के लिये भी 520 करोड़, रेलवे समपारो पर रोड ओवर ब्रिज तथा रोड अण्डर ब्रिज (ROBs/RUBs) के लिये 454 करोड़ रूपये एवं टक्कररोधी प्रणाली ‘कवच’ के लिये 150 करोड़ रूपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त सिगनल व दूरसंचार से सम्बंधित कार्यों के लिये 464 करोड एवं समपार फाटकों पर संरक्षा कार्यों हेतु 31 करोड रूपये का आवंटन किया गया है।
स्टेशनों के पुनर्विकास पर खर्च होंगे 550 करोड़
यात्री सुविधाओं के मद पर उत्तर पश्चिम रेलवे को इस वर्ष 923 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है। इस मद में स्टेशनों के पुनर्विकास पर 550 करोड़ रूपये दिए गए है। साथ ही इस मद में स्टेशनों पर लिफ््ट, एस्केलेटर, प्लेटफार्म का उन्नयन, स्टेशनों पर प्रकाश व्यवस्था, कोच गाइडेंस बोर्ड, कम्प्यूटर आधारित उद्घोशणा प्रणाली इत्यादि के कार्य किए जाएंगे। अधिक बजट आवंटन से यात्री सुविधाओं के लिये किये जा रहे कार्यों को गति प्राप्त होगी तथा इस मद में नये कार्यों को भी सम्मलित किया जा सकेगा। बजट में नई लाइनों के लिये 862 करोड, आमान परिवर्तन के लिये 133 करोड़ तथा दोहरीकरण के लिये 340 करोड़ रूपये के बजट का आवंटन किया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर अभी तक 3531 किलोमीटर रेल लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर गया है तथा शेष रहे रेलमार्ग का विद्युतीकरण 2023-24 में कर लिया जायेगा। बजट में रोलिंग स्टाक के अनुरक्षण के लिये जयपुर डिपो के लिये 30 करोड़ व खातीपुरा में 204 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किए गए है। वन्दे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण के लिये जयपुर, श्रीगंगानगर, उदयपुर और मदार में अनुरक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे: वर्तमान में प्रगति पर कार्यों के लिये बजट आवंटन
नई लाइनः
— तारंगाहिल-आबूरोड़ वाया अंबाजी (89.39 किमी) 480 करोड़
— दौसा-गंगापुरसिटी (92.67 किमी) 56 करोड़
— गुढ़ा-ठठाना मीठडी परीक्षण ट्रैक प्रथम फेज (25 किमी) 80 करोड
— परीक्षण ट्रैक प्रथम फेज (37.5 किमी) 150 करोड़
— नीमच-बड़ी सादड़ी (48.30 किमी) 150 करोड़
— पुष्कर-मेड़ता (59 किमी)10.05 करोड़
दोहरीकरणः
— फुलेरा-डेगाना (108.75 किमी) 265.88 करोड
— डेगाना-राई का बाग (145 किमी) 53 करोड
— सवाई माधोपुर बाइपास (13.54 किमी) 5 करोड
आमान परिवर्तनः
— मारवाड़-मावली (देवगढ़-नाथद्वारा) (108.75 किमी) 20.05 करोड़
विद्युतीकरणः
विभिन्न रेलखंडों का विद्युतीकरण 1217 करोड़