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रेलवे में अब ‘5-एस’ प्रणाली, बदलेगा कर्मचारियों का काम का तरीका

उत्तर पश्चिम रेलवे।
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जयपुर

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Priyanka Yadav

•

Updated: 3 Mar 2018, 1:21 PM IST

Railways' 5-S system

जयपुर . रेलवे के कर्मचारी अब अनुशासित रहेंगे। कर्मचारियों के कार्यस्थल पर फाइलों का ढेर नहीं मिलेगा और न ही आस-पास कचरा। इतना ही नहीं कर्मचारियों के कम्प्यूटर, माउस, कुर्सी भी सही मानकों के अनुसार टेबल पर रखे जाएंगे, ताकि वे वेलमेंटेन्ड लगें।

उत्तर-पश्चिम रेलवे 5 -एस प्रबंधन प्रणाली को लागू कर रहा है। इस प्रणाली के लागू होने से कर्मचारियों के कार्यस्थल पर कार्यप्रणाली को बेहतर और कार्य कुशलता को बढ़ावा मिलेगा। '5-एस' प्रबंधन प्रणाली को लागू करने के लिए प्रधान कार्यालय में रेलकर्मियों के लिए क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया, सिकंदराबाद की ओर से चार चरणों में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें प्रधान कार्यालय और मंडलों के 90 रेलकर्मियों ने भाग लिया।

इस प्रणाली के लागू होने से रेलवे ऑफिस कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी साथ ही फाइलों को ट्रेस करना आसान होगा। केस निवारण में तय समय से कम समय में निपटारा किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया में कार्य को गति प्राप्त होने के साथ-साथ गुणवत्ता, सुगमता तथा अनुशासन का समावेश होगा।

-नहीं मिलेगा कार्यस्थल पर फाइलों का ढेर
-कार्य कुशलता को मिलेगा बढ़ावा

'5-एस' में ये हैं पांच चरण

1 सोर्ट
बाधाओं को समाप्त कर कार्य को आसान बनाना।
अनावश्यक मद जो कि कार्य में व्यवधान उत्पन्न करते हैं, उनको कम करना।
अनावश्यक मदों को संचय कर उनकी रोकथाम करना।
आवश्यक मदों का विश्लेषण करना।
अनावश्यक समान जो कार्य में नहीं आ रहे उनको हटाना।
कार्यस्थल से अनावश्यक सामग्री को अलग-अलग कर उनका निस्तारण।
कचरे का निस्तारण।
कार्य स्थल को साफ -सुथरा रखना।
उपयोगी व अनुपयोगी वस्तुओं
का विश्लेषण।

2. नीटनैस

सभी उपयोगी सामग्री को व्यवस्थित करना ताकि उपयोग के समय उस तक आसानी से पहुंचा जा सकें।
कार्यप्रगति सुगम व आसान
सभी कार्य का निष्पादन नियमित आधार पर करना।
उपयोग के आधार व बार-बार प्रयोग आने वाली वस्तुओं को कार्यस्थल के समीप रखना।

3. क्लीनिंग
सम्पूर्ण कार्यस्थल को प्रतिदिन नियमित आधार पर साफ रखना तथा समय-समय पर सफाई व्यवस्था की समीक्षा।
निरीक्षण के रूप में सफाई का उपयोग।
मशीनों व उपकरणों को खराब होने से बचाने के तरीकें।
कार्यस्थल को सुरक्षित व कार्य के अनुकुल बनाना।

4. स्टैंडर्डाइज
कार्यस्थल पर मानकीकरण करने का प्रयोग करना।
कार्यस्थल पर संगठन के उच्च मानकों को मनाए रखना।
प्रत्येक वस्तु सही स्थान पर होना।
उपयोगी वस्तुओं की मानकीकृत कलर कोडिंग।
विशिष्ट कार्य की प्रक्रिया की जानकारी सभी तक होना।

5. डिसिप्लिनकिसी के लिए भी नुकसानदायक नहीं।
नियमित ऑडिट।
प्रशिक्षण व अनुशासन।
स्व अनुशासन।

पार्किंग का बदला नजारा

रेलवे के प्रधान कार्यालय में पार्किंग का नजारा ही बदल गया। पहले जहां पार्किंग में इधर-उधर दुपहिया और चौपहिया वाहन खड़े रहते थे, वहीं अब सलीके से अपने स्थान पर गाडिय़ां खड़ी रहती हैं। साथ ही कार्यस्थलों पर कम्प्यूटर, माउस, की-बोर्ड पर मार्किंग की गई है। इस मार्किंग के अंदर ही वे इन चीजों को रख सकते हैं।

जापानी शब्द

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरुण जैन के अनुसार '5-एस' कार्यस्थल संगठन प्रक्रिया में पांच जापानी शब्द seiri, seiton, seiso, seiketsu, shitsuke का उपयोग किया जाता है। इन शब्दों को sort, set in order, shine, standardize, sustain टर्म में मानकीकरण किया गया है, जिसमें कार्यस्थल को बेहतर, अनुशासित कार्य करने में सुगमता बाधारहित व व्यवस्थित वातावरण, सुगम प्रक्रियायुक्त बनाने के साथ-साथ कायकुशलता को बढ़ावा देने का कार्य भी सम्मिलित है।