राजस्थान में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस धीरे-धीरे अपने प्रत्याशियों की घोषणा करते जा रहे हैं। मगर दोनों ही बड़ी पार्टियां महिलाओं को टिकट देने के मामले में पीछे नजर आई हैं।
जयपुर। राजस्थान में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस धीरे—धीरे अपने प्रत्याशियों की घोषणा करते जा रहे हैं। मगर दोनों ही बड़ी पार्टियां महिलाओं को टिकट देने के मामले में पीछे नजर आई हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की 200 सीटों पर 2294 प्रत्याशी मैदान में उतरे। इसके भाजपा के 200 और कांग्रेस के 195 प्रत्याशी थे। लेकिन इनमें महिला प्रत्याशियों की संख्या 189 है। इसमें भी कांग्रेस ने 27 और भाजपा ने महज 23 महिला प्रत्याशी ही मैदान में उतारी।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो एक सीट पर औसत 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे। वहीं वोटों की बात की जाए तो कुल 3 करोड़ 52 लाख 4 हजार 924 मत पड़े। इसमें कांग्रेस को 1 करोड़ 40 लाख 18 हजार 945 और भाजपा को 1 करोड़ 98 लाख 29 हजार 46 वोट मिले। बसपा तीसरी बड़ी पार्टी रही, जिसे 14 लाख 35 हजार 858 वोट मिले। सीपीएम को 4 लाख 34 हजार 210 वोट मिले।
निर्दलियों ने बिगाड़ा था कई सीटों का गणित
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 840 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें महिला प्रत्याशियों की संख्या 55 थी। निर्दलियों को कुल वोटों के 9.59 प्रतिशत वोट मिले। इन प्रत्याशियों को 33 लाख 76 हजार 675 मत मिले। वहीं अन्य रजिस्टर्ड पार्टियों की बात की जाए तो इन पार्टियों के 840 प्रत्याशी मैदान में थे। इन्हें 19 लाख 99 हजार 319 वोट मिले।
1 लाख 89 हजार 899 वोट ज्यादा मिले तो बन गई सरकार
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही। कांग्रेस को भाजपा के मुकाबले 1 लाख 89 हजार 899 वोट ज्यादा मिले और वह सरकार बनाने में कामयाब रही। भाजपा को 39.28 और कांग्रेस को 39.82 प्रतिशत वोट मिले।
पार्टी—पुरुष प्रत्याशी—महिला प्रत्याशी—कुल प्रत्याशी—वोट पड़े
भाजपा—177—23—200—13829046
कांग्रेस—168—27—195—14018945
बसपा—175—15—190—1435858
सीपीएम—128—0—28—434210
सीपीआई—16—0—16—42820
एनसीपी—01—0—1—68051
अन्य पार्टियां—755—69—824—1999319
निर्दलीय—785—55—840—3376675
कुल—2105—189—2294——35204924