भवनेश गुप्ता/बारां. बारां-अटरू और छबड़ा विधानसभा क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानने के बाद किशनगंज-शाहबाद और अंता विधानसभा क्षेत्र की नब्ज टटोलने निकला। बारां शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर किशनगंज की सीमा में प्रवेश किया। बीच में फिर पार्वती नदी के दर्शन हुए। मन में सवाल उठा कि नदियों के पास बसे इन इलाकों में कैसे पानी की कमी हो सकती है? क्यों लोगों को ट्यूबवैल और पानी की टैंकरों के भरोसे रहना पड़ रहा है। किशनगंज में भी लोगों ने वही पीड़ा व्यक्त की। स्थानीय निवासी मदनलाल शाक्यवाल और धर्मवीर चौधरी ने बताया कि हाथी जलोद में एनीकट बनाया, लेकिन उसका काम भी अधूरा पड़ा है।