
आमतौर पर शहरी मतदाता को जागरुकता में आगे माना जाता है, लेकिन मतदान के मामले में इस बार फिर यह मिथक टूट गया। ग्रामीणों ने लोकतंत्र के उत्सव (चुनाव) में इस बार भी शहरों से ज्यादा भागीदारी निभााई। 16 वीं विधानसभा के लिए 3 करोड़ 92 लाख 11 हजार 399 वोट डाले गए, जो पिछली बार से 30.26 लाख अधिक हैं। इस बार 3.02 करोड़ से अधिक ग्रामीण और 89.37 लाख से अधिक शहरी मतदाताओं ने मतदान किया। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान 75.78 फीसदी तो शहरी क्षेत्रों में 71.23 प्रतिशत मतदान रहा। इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों के मुकाबले 4.43 फीसदी मतदान अधिक हुआ, जबकि पिछली बार ग्रामीण मतदाता शहरवासियों से 5.13 प्रतिशत अधिक निकले।
प्रदेश के 33 जिलों में से 27 जिले ऐसे रहे जहां इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान अधिक हुआ। इस बार 6 जिलों में शहरी मतदाता आगे रहे, जबकि पिछली बार इन जिलों की संख्या पांच ही रही। 16 वीं विधानसभा के लिए शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक मतदान हनुमानगढ़ जिले में 76.65 प्रतिशत हुआ, वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों ही चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान में बांसवाड़ा जिला 84.32 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। इस जिले में भी प्रधानमंत्री मोदी व राहुल गांधी मतदाताओं के बीच पार्टी के प्रचार के लिए पहुंचे थे। इनके अलावा दूसरे कई जिलों में भी बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली है। लेकिन कई विधानसभा क्षेत्रों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में उनका असर देखने को नहीं मिला।
मतदान के प्रति उत्साह कम होने एवं प्रवासियों के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के कारण शहरी क्षेत्र में मतदान में सबसे पीछे सिरोही जिला रहा। इस जिले में 65.47 प्रतिशत शहरी मतदाताओं ने ही मतदान किया। ग्रामीण क्षेत्र में मतदान के मामले में पाली जिला सबसे पीछे रहा, जहां केवल 64.59 प्रतिशत ही मतदान हुआ।
13 जिलों में ग्रामीण मतदान शहरी मतदाताओं से काफी अधिक
13 जिलों में ग्रामीण और शहरी मतदाताओं का अंतर 5 प्रतिशत से ज्यादा रहा। इनमें चूरू, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, झालावाड़, जैसलमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, धौलपुर, डूंगरपुर व श्रीगंगानगर जिले शामिल हैं। प्रतापगढ़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों के मुकाबले 11 प्रतिशत मतदान अधिक हुआ।
दो जिलों में शहरी मतदान ग्रामीणों से काफी अधिक
जहां 27 जिलों में ग्रामीण मतदान शहरी क्षेत्रों से अधिक रहा, वहीं दो जिलों में शहरी मतदाताओं का प्रतिशत ग्रामीण मतदाताओं से काफी अधिक रहा। पाली जिले में शहरी मतदान 6 प्रतिशत अधिक हुआ, जबकि हनुमानगढ़ में ग्रामीणों के मुकाबले 7 प्रतिशत शहरी मतदाता वोट डालने अधिक पहुंचे।
ग्रामीण और शहरी मतदान
वर्ष- ग्रामीण मतदान प्रतिशत- शहरी मतदान प्रतिशत
2023- 75.67 71.23
2018- 75.39 70.26
ग्रामीण: पिछली बार जैसलमेर रहा आगे, इस बार बांसवाड़ा
पिछली बार ग्रामीण मतदान में जैसलमेर जिला 85.83 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। इस बार वहां 2.44 प्रतिशत कम मतदान हुआ, जिसके कारण बांसवाड़ा आगे निकल गया। बांसवाड़ा में इस बार पिछली बार से 0.62 मतदान बढ़ा, जिससे मतदान प्रतिशत 84.32 प्रतिशत पहुंच गया। इस बार धौलपुर में 5.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि डूंगरपुर में 4.18 प्रतिशत मतदान बढ़ा। हालांकि धौलपुर और डूंगरपुर दोनों ही जिले बांसवाड़ा से पीछे रहे। पाली में 0.68 प्रतिशत मतदान बढ़ने के बावजूद इस बार भी वहां सबसे कम 64.50 प्रतिशत मतदान रहा।
शहरी: हनुमानगढ़ रहा सबसे आगे
शहरी मतदान में 0.14 प्रतिशत की कमी के बावजूद हनुमानगढ़ जिला 76.65 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। सवाईमाधोपुर में सबसे ज्यादा 3.10 पतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद वहां 66.98 प्रतिशत शहरी मतदान रहा। करौली में सबसे अधिक 2.43 प्रतिशत की कमी हुई, वहां 67.04 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि सबसे कम मतदान इस बार सिरोही जिले में 65.44 प्रतिशत रहा। शहरी मतदान जयपुर जिले में 2.53 अलवर में 1.84, अजमेर में 1.82, उदयपुर में 1.25 व जोधपुर में 0.83 प्रतिशत बढ़ा है।
27 जिलों में रामीणों ने शहरी मतदाताओं को पछाड़ा
इस बार 27 जिलों में ग्रामीणों ने शहरी मतदाताओं को पीछे छोड़ दिया, जबकि पिछली बार इन जिलों की संख्या 28 रही। पिछली बार टोँक,राजसमंद, पाली, जालोर व नागौर जिलों में ग्रामीण मतदान शहरों से पीछे रहा।
मतदान में शहरी क्षेत्र आगे रहा
जिला - शहरी मतदान - ग्रामीण मतदान
दौसा - 74.39 - 74.36
हनुमानगढ -76.65 -67.57
जालोर - 70.64 - 69.70
नागौर - 74.02
Published on:
29 Nov 2023 02:56 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
