
Rajasthan Assembly Session 2023: 15 विधानसभा में केवल 208 महिलाएं ही बन पाई विधायक
उमेश शर्मा।
केंद्र की मोदी सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का बिल पास किया है। मगर राजस्थान की राजनीति की बात की जाए तो 71 साल में केवल 208 महिलाएं ही विधानसभा की चौखट तक पहुंच पाई हैं। प्रदेश के दोनों बड़े दल भाजपा और कांग्रेस ने महिलाओं को टिकट देने में हमेशा कंजूसी बरती है।
राजस्थान विधानसभा में 1952 में महिला सदस्यों की संख्या सबसे कम रही। केवल दो महिला सदस्य ही निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंची। वहीं सबसे अधिक 29 महिला विधायक 13वीं और 14वीं विधान सभा में रहीं। वर्तमान 15वीं विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 27 है। इसमें कांग्रेस की 15, भाजपा की 10 और आरएलपी व निर्दलीय 1-1 विधायक हैं। कांग्रेस ने 71 सालों में 184 महिला प्रत्याशी मैदान में उतारी हैं, जबकि भाजपा ने 128 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है।
34 महिलाएं एक से अधिक बार निर्वाचित
विधानसभा में 34 महिलाएं एक से अधिक बार निर्वाचित हुई हैं। इनमें सुमित्रा सिंह सर्वाधिक 8 बार निर्वाचित हुई हैं। सिंह 12वीं विधानसभा में विधानसभा की अध्यक्ष रहीं। सात बार निर्वाचित होने वाली कमला गुजरात की राज्यपाल भी रही हैं। सूर्यकान्ता व्यास 6 और कृष्णेन्द्र कौर (दीपा) 5 बार निर्वाचित हुई हैं। कृष्णेन्द्र कौर 2018 में वसुंधरा सरकार में मंत्री भी रहीं।
32 जिलों से महिला विधायक पहुंची विधानसभा
प्रदेश के 33 में से 32 जिलों से महिला विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंची है। केवल जैसलमेर जिले से कोई विधायक विधानसभा नहीं पहुंची। इसमें भी जयपुर जिले से सर्वाधित 26 महिलाएं आज तक विधानसभा पहुंची हैं। वहीं झुंझुनूं जिले से 13 बार महिला महिला विधायकों को विधानसभा पहुंचने का अवसर मिला। इसमें सर्वाधिक 8 बार सुमित्रा सिंह ने प्रतिनिधित्व किया है।
ये है निर्वाचित महिलाओं का गणित
विधानसभा—प्रत्याशी—विधायक
पहली—06—02
दूसरी—21—09
तीसरी—15—08
चौथी—19—07
पांचवीं—17—13
छठी—31—08
सातवीं—31—10
आठवीं—47—17
नौंवीं—93—11
दसवीं—91—10
ग्यारहवीं—69—15
बारहवीं—118—13
तेरहवीं—154—29
चौदहवीं—116—28
पंद्रहवी—189—27
Published on:
02 Nov 2023 11:29 am
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