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Rajasthan Budget 2023 : अब पशुओं का इलाज भी होगा निशुल्क, टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन फ्री

पशुपालक कर रहे थे निशुल्क सुविधा देने की मांग, पत्रिका ने उठाई थी पशुपालकों की आवाज

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 11, 2023

Rajasthan Budget 2023 : अब पशुओं का इलाज भी होगा निशुल्क, टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन फ्री

Rajasthan Budget 2023 : अब पशुओं का इलाज भी होगा निशुल्क, टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन फ्री

जयपुर। प्रदेश के पशुपालक अब अपने पशुओं का इलाज निशुल्क करवा सकेंगे। सरकारी पशु चिकित्सालयों में ना उन्हें पर्ची कटवाने के लिए शुल्क देना होगा और ना ही टीकाकरण और अन्य जांच जैसे सोनोग्राफी या एक्सरे का शुल्क देने की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में इसकी घोषणा कर दी है, जिसके मुताबिक पशुधन निशुल्क आरोग्य योजना के तहत 139 दवाइयां तो पहले से ही निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही थीं, लेकिन अब इस योजना का दायरा बढाते हुए सभी प्रकार के टेस्ट और टीके जैसे एफएमडी, ब्रुसेला और पीपीआर आदि भी निशुल्क करवाए जा सकेंगे। साथ ही सरकारी पशु चिकित्सा संस्थानों पर लाए गए जाने वाले पशुओं के इलाज के लिए जो रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जा रहा था वह भी समाप्त किया जाएगा।

पत्रिका बना आवाज
गौरतलब है पिछले दिनों राजस्थान पत्रिका ने इसे लेकर पशुपालकों की आवाज उठाई थी। अपनी खबर 'इंसान को फ्री, पशुओं का ढाई गुना महंगा इलाज', बजट में ओपीडी आईपीडी निशुल्क करने की मांग में बताया गया था कि किस प्रकार मूक पशुओं का इलाज महंगा हो गया है। क्योंकि गत वर्ष प्रदेश के पशुपालन विभाग ने एक अप्रेल से पंजीकरण शुल्क सहित अन्य शुल्क बढ़ा दिया था। पंजीकरण शुल्क दो रुपए से बढ़ाकर पांच रुपए कर दिया गया था, टीके के दाम बढ़े, पहले जिस टीकाकरण परिसेवा शुल्क के केवल 50 पैसे लगते थे, उसे बढ़ाकर एक रुपया कर दिया गया था, जिस टीकाकरण परिसेवा शुल्क का एक रुपए लगता था, उसे बढ़ाकर दो रुपए कर दिया गया था। और तो और छोटे पशु की मेजर सर्जरी पर 20 रुपए व बड़े जानवर की मेजर सर्जरी पर 50 रुपए पशुपालक दे रहे थे, पशुओं के एक्सरे व सोनोग्राफी करवाने पर 50 रुपए लिए जा रहे थे। अब बजट घोषणा में सब निशुल्क कर दिया गया है।

सरकार ने पूरा किया वादा
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में पशुओं के निशुल्क इलाज और निशुल्क दवा को जरूरी सुधारों के साथ व्यापक रूप से लागू करने की बात कही थी, लेकिन गत वर्ष अप्रेल में जबकि पशुपालन विभाग की शासन सचिव डॉ आरुषि मलिक थी, उन्होंने इसे निशुल्क करने के स्थान पर ढाई गुणा कर दिया था, तब से पशुपालक इसे फिर से निशुल्क करने की मांग कर रहे थे।

पशुपालकों के हित के लिए जताया आभार
वहीं राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने पशुपालकों के हित के लिए गए इस फैसले को लेकर सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन की पर्ची को शुल्क मुक्त करने से पशुपालकों अपने पशुओं का सरकारी पशु चिकित्सालयों में इलाज करवा सकेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में विभाग के कार्मिकों को निराशा हाथ लगी है उनकी वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति के अवसर बढाए जाने और पदनाम परिवर्तन को लेकर सरकार ने कुछ नहीं किया।

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