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राठौड़ का सरकार को सुझाव, एमबीबीएस और जीएनएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं ले सरकार

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि एमबीबीएस और जीएनएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी कोरोना मरीजों की देखभाल में लगाया जाए, ताकि चिकित्साकर्मियों की कोई कमी नहीं रहे।

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जयपुर

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Umesh Sharma

May 01, 2021

राठौड़ का सरकार को सुझाव, एमबीबीएस और जीएनएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं ले सरकार

राठौड़ का सरकार को सुझाव, एमबीबीएस और जीएनएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं ले सरकार

जयपुर।

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि एमबीबीएस और जीएनएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी कोरोना मरीजों की देखभाल में लगाया जाए, ताकि चिकित्साकर्मियों की कोई कमी नहीं रहे। राठौड़ ने पत्र में लिखा है कि एमबीबीएस और जीएनएम अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थी अपने-अपने प्रोफेशन में जुटने की तैयारी कर रहे हैं। अगर इन्हें पूर्व में ही प्रशिक्षण प्रदान करके कोविड अस्पतालों में ड्यूटी लगा दी जाए। साथ ही भविष्य में भर्ती निकालने पर इन चिकित्साकर्मियों को उनमें प्राथमिकता दी जाए। राठौड़ ने रिक्त पड़े हेल्थकर्मियों के पदों पर समय रहते भर्ती करने की भी मांग की है।

चिकित्सकों के 1300 पद खाली

प्रदेश में चिकित्सकों के 14500 पद हैं, मगर काम कर रहे हैं 1300 चिकित्सक। अब भी प्रदेश में 1300 चिकित्सकों के पद खाली हैं। इसी तरह नर्सिंगकर्मियों के 69500 में से 14400 पद खाली पड़े हैं, जिसकी वजह से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यही नहीं दूसरी लहर अधिक भयावह होने की स्पष्ट चेतावनी के बाद भी राजस्थान में आॅक्सीजन, बेड्स और इंजेक्शन सहित अन्य चिकित्सकीय संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। इस कुप्रबंधन का खामियाजा निर्दोष जनता को भुगतना पड़ रहा है।