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राजस्थान में बेरोजगारों के लिए सिरदर्द बनी भर्ती प्रक्रिया, स्थायी भर्ती बिना परीक्षा तो संविदा के लिए लिखित टेस्ट

राजस्थान के चिकित्सा विभाग में भर्ती प्रक्रिया बेरोजगारों के लिए सिरदर्द बन गई है।

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unemployed in rajasthan

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Rajasthan News: राजस्थान के चिकित्सा विभाग में भर्ती प्रक्रिया बेरोजगारों के लिए सिरदर्द बन गई है। स्थायी पदों पर बिना परीक्षा भर्ती पूरी हो रही है, जबकि अस्थायी (संविदा) पदों के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य की गई है। हाल ही में सीफू के जरिए 8 कैडर की स्थायी भर्ती बिना टेस्ट के संपन्न हुई। वहीं, अब 22 कैडर के 8,256 संविदा पदों के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। बेरोजगार इस दोहरे मापदंड से नाराज हैं और जल्द आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

विभाग की सफाई और सवाल

चिकित्सा विभाग का दावा है कि स्थायी भर्ती अनुभवी संविदा कर्मियों के लिए थी, लेकिन बेरोजगार पूछते हैं कि नए पदों पर संविदा क्यों? यह नीति न तो विभाग की जरूरतें पूरी कर रही है, न ही बेरोजगारों को न्याय दे रही है। क्या सरकार इस उलझन को सुलझाएगी, यह समय बताएगा।

बेरोजगारों की नाराजगी

पिछली सरकार ने संविदा कर्मियों को बिना परीक्षा स्थायी करने का फैसला लिया था, इसका बेरोजगारों ने विरोध किया। नई संविदा भर्ती की घोषणा से असंतोष फिर बढ़ गया है। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन यूनाइटेड के अध्यक्ष भरत बेनीवाल ने कहा, दोहरा मापदंड विभाग और बेरोजगारों, दोनों के लिए नुकसानदेह है। मुख्यमंत्री को संविदा भर्ती बंद कर स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।

चिकित्सा विभाग की भर्तियों में लंबे समय से इस तरह की चूक सामने आ रही है। इस मामले में अब मुख्यमंत्री को चिकित्सा विभाग में संविदा भर्ती बंद करने के संबंध में चर्चा हुई है। संविदा भर्तियों से विभाग के साथ बेरोजगारों को भी काफी नुकसान हो रहा है।- भरत बेनीवाल, अध्यक्ष, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन यूनाइटेड

संविदाकर्मियों का दर्द

केस 1: 20 साल से सेवा दे रहे 28,000 से अधिक प्रेरकों को स्थायी नौकरी का इंतजार। सरकार के वादों के बावजूद कोई राहत नहीं।

केस 2: स्कूलों में खाना बनाने वाली महिलाओं को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिली। मानदेय बढ़ोतरी और स्थायी नौकरी के दावे अधूरे रहे।

स्थायी बनाम संविदा : भर्ती का उल्टा खेल

चिकित्सा विभाग में 10 साल में स्थायी भर्ती के लिए सिर्फ दो बार परीक्षा हुई, जबकि संविदा भर्ती के लिए 8 बार टेस्ट आयोजित किए गए। नई संविदा भर्ती में सीएचओ, संविदा नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर, फार्मा सहायक, मेडिकल लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट सहायक, बायोमेडिकल इंजीनियर जैसे 22 पद शामिल हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने संविदा भर्तियों का विरोध किया था, लेकिन अब उसी नीति पर चलने से बेरोजगारों में आक्रोश है।

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