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Rajasthan Election: मुस्लिम सीटों पर भाजपा की आक्रामक रणनीति, अब ये दिग्गज नेता संभालेंगे कमान

Rajasthan Assembly Election 2023: भाजपा ने मुस्लिम बहुल सीटों के लिए आक्रामक रणनीति तैयार की है। इन सीटों पर जीत के लिए पार्टी हिन्दू वोटों के 'डायवर्जन' को रोकने का काम करेगी।

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जयपुर

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Kirti Verma

Nov 02, 2023

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भवनेश गुप्ता

Rajasthan Assembly Election 2023 भाजपा ने मुस्लिम बहुल सीटों के लिए आक्रामक रणनीति तैयार की है। इन सीटों पर जीत के लिए पार्टी हिन्दू वोटों के 'डायवर्जन' को रोकने का काम करेगी। यहां प्रचार का काम देश में हिन्दुत्व की पताका फहरा रहे नेताओं को दिया जाएगा। मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा और साध्वी निरंजन ज्याेति को सूची में शामिल कर रहे हैं। यहां सभा, राेड शो में इन नेताओं की सबसे ज्यादा भागीदारी होगी। वैसे मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या 40 है, लेकिन इनमें से 18 सीट पर ज्यादा फोकस होगा।

यूं होगा काम
पार्टी यहां तुष्टीकरण के मुद्दे को हवा देगी, ताकि हिन्दु वोट डायवर्ट नहीं हो। साथ ही मुस्लिम मतदाताओं को भी गहलोत सरकार की कथित तुष्टीकरण की राजनीति को समझाया जाएगा।

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इन सीट पर ज्यादा फोकस
आदर्श नगर (हारे), रामगढ़ (हारे), चूरू (जीते), किशनपोल (हारे), कामां (हारे), टोंक (हारे), पुष्कर (जीते), डीडवाना (हारे), नागौर (जीते), मकराना (जीते), जोधपुर (हारे), पोकरण (हारे), शिव (हारे), झुंझुनूं (हारे), फतेहपुर (हारे), नगर (हारे), सवाईमाधोपुर (हारे), तिजारा (हारे)। इन सीटों पर भाजपा की पिछले विधानसभा चुनाव (2018) में हार-जीत की स्थिति।

यह रही स्थिति
वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा ने चार सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे, जबकि वर्ष 2018 में टोंक सीट पर अंतिम क्षण में अजीत मेहता का टिकट काटकर युनूस खान को उतारा था। कांग्रेस ने वर्ष 2018 के चुनाव में 16 मुस्लिम प्रत्याशी उतारे, जिसमें से 9 जीते थे।

इन चार मुद्दों पर कांग्रेस को घेरेगी भाजपा
- जयपुर में बम ब्लास्ट के आरोपियों को हाईकोर्ट ने किया था बरी। सरकार की ओर से कमजोर पैरवी के कारण ऐसा होना माना गया। इसके बाद ही राज्य सरकार ने एक अतिरिक्त महाधिवक्ता को हटाना पड़ा।
- उदयपुर में पिछले वर्ष जून में कन्हैयालाल बेरहमी से हत्या की गई।
- जयपुर के सुभाष चौक इलाके में एक धर्म विशेष के युवक की मौत। सरकार ने उसी दिन 50 लाख रुपए का चैक बतौर मुआवजा दिया।
- करौली में नवसंवत्सर के दौरान निकल रही रैली में पथराव और फिर आगजनी, दंगे हुए।

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यह है स्थिति
- 40 सीटे हैं मुस्लिम बहुल की प्रदेश में
- 29 सीट कांग्रेस के पास है अभी
- 7 सीट पर भाजपा
- 3 सीट बसपा ने जीती थी
- 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई थी
(बसपा के विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे और निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया)