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राजस्थान विधानसभा चुनाव: 15 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर, चार पर त्रिकोणीय मुकाबला

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा-कांग्रेस को निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों से कई सीटों पर कड़ी चुनौती मिल रही है।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Nov 12, 2023

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Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा-कांग्रेस को निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों से कई सीटों पर कड़ी चुनौती मिल रही है। जयपुर जिले में भी 19 में से 15 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला है तो चार सीटें ऐसी हैं जो दोनों ही दलों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। इन चार सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। इन सीटों में चौमूं, शाहपुरा, विराटनगर और बस्सी प्रमुख तौर पर शामिल हैं।

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उधर, भाजपा-कांग्रेस ने त्रिकोणीय मुकाबले वाली सीटों पर नई रणनीति के साथ काम करना शुरू कर दिया है। दोनों दलों ने इन सीटों पर प्रचार के साथ-साथ बूथ मैनेजमेंट पर भी फोकस किया है। साथ ही दोनों ही दल निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों की चुनाव रणनीति पर भी नजर बनाए हुए हैं।

इन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला
शाहपुरा
शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में आलोक बेनीवाल कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय विधायक चुने गए थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मनीष यादव दूसरे स्थान पर रहे थे। बेनीवाल को उम्मीद थी कि इस बार कांग्रेस उ टिकट देगी लेकिन इस बार भी कांग्रेस ने मनीष यादव को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया है। वहीं भाजपा ने भी उपेंद्र यादव को चुनाव मैदान में उतारा है। मौजूदा विधायक आलोक बेनीवाल फिर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में है और भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों को कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। दोनों दलों से यादव प्रत्याशियों के आमने-सामने होने के कारण बेनीवाल को यहां फायदा होने की बात कही जा रही है।

विराटनगर
विराटनगर में भी पूर्व विधायक और कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे रामचंद्र सराधना ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक इंद्राज गुर्जर को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है वहीं पिछले चुनाव में भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर 40 हजार से ज्यादा वोट लाने वाले कुलदीप धनकड़ को इस बार भाजपा ने टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है।

चौमूं
यहां भी त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, यहां पर कांग्रेस से शिखा बराला चुनाव मैदान में है तो वहीं भाजपा से मौजूदा विधायक रामलाल शर्मा चुनाव मैदान में हैं। रालोपा प्रत्याशी छुट्टन यादव यहां मुकाबले को त्रिकोणीय बनाए हुए हैं। पिछले चुनाव में भी यादव ने 30 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे।

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बस्सी
बस्सी विधानसभा क्षेत्र में भी त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। कांग्रेस से लक्ष्मण मीणा चुनाव मैदान में हैं। मीणा पिछला चुनाव बतौर निर्दलीय जीते थे और कांग्रेस प्रत्याशी चौथे नंबर पर रहे थे। भाजपा ने पूर्व आईएएस चंद्र मोहन मीणा को प्रत्याशी बनाया है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पूर्व विधायक अंजू धानका ने चुनाव को त्रिकोणीय बना रखा है। इसके अलावा भाजपा के बागी राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र मीणा भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस सीट पर लगातार तीन चुनावों से निर्दलीय विधायक ही जीत दर्ज करते आ रहे हैं। 2008 और 2013 में अंजू धानका ने जीत दर्ज की थी तो 2018 में लक्ष्मण मीणा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी।

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