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Rajasthan Free Electricity Scheme : घरेलू से लेकर कृषि-उद्योग तक की बिलिंग को लेकर आई ये लेटेस्ट अपडेट

Rajasthan Free Electricity Scheme Latest Update : गहलोत सरकार की 'फ्री बिजली' योजना लागू, अब 'बिलिंग' को लेकर आई ये लेटेस्ट अपडेट

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Rajasthan Free Electricity Scheme Billing Latest Update

जयपुर।

राजस्थान की गहलोत सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को शुरूआती 100 यूनिट फ्री बिजली दिए जाने की घोषणा के बाद उसे तुरंत प्रभाव से लागू भी कर दिया है। सरकार की ये राहत भरी कवायद चर्चा का विषय बनी हुई है। उधर विरोधी दल अलग-अलग दलीलों के साथ सरकार की इस 'राहत' को खारिज करते हुए उसे घेरने में हुए हैं। इन सभी के बीच इस 'फ्री बिजली' को लेकर हर दिन कोई ना कोई अपडेट्स सामने आ रही हैं।

जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक आर.एन कुमावत ने बताया कि इस योजना का लाभ बिलिंग माह जून, 2023 से दिया जाना है। इसके लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। योजना के अनुसार बिलिंग सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने में 3 से 4 दिन का समय लगना संभावित है। इसके बाद ही घरेलू उपभोक्ताओं की माह जून, 2023 की बिलिंग शुरू कर दी जाएगी।

कृषि-औद्योगिक श्रेणी की बिलिंग 4 जून से

2000 यूनिट्स तक के उपभोग वाले कृषि उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली के लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करवाए जा चुके है, इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं के अतिरिक्त अन्य सभी श्रेणी जैसे कृषि, औद्योगिक, वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं की माह जून, 2023 की बिलिंग 4 जून से प्रारंभ की जा रही है।

देरी से मिलेगा बिल

बिलिंग के सॉफ्टवेयर में बदलाव में 3-4 दिन लगेंगे। ऐसे में बिल जारी होने में भी देरी होगी। उधर, 2 हजार यूनिट तक उपभोग वाले कृषि उपभोक्ताओं को नि:शुल्क बिजली के लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करवाए जा चुके हैं। ऐसे में घरेलू को छोड़ अन्य सभी श्रेणी में बिलिंग रविवार से शुरू हो जाएगी।

डिस्कॉम्स का बिगड़ा 'गणित'

सरकार की फ्री बिजली योजना ने विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) का गणित बिगाड़ दिया है। डिस्कॉम्स को डर है कि भले ही सरकार ने फ्री बिजली के लिए 23 हजार करोड़ रखे हैं, लेकिन चुनावी साल में वक्त पर पैसा मिलना आसान नहीं होगा। यही कारण है कि डिस्कॉम्स ने सरकार से करीब 11 हजार करोड़ रुपए बकाया राशि जल्द चुकाने के लिए कहा है। इसमें बिजली उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी राशि भी शामिल है।

उधर, डिस्कॉम्स के पास बिजली खरीद का पैसा चुकाने के लिए रोकड़ तक नहीं है। अब भी उत्पादन कंपनियों को दस हजार करोड़ रुपए चुकाने हैं। हालांकि, सरकार सब्सिडी का पैसा अब हर माह चुकाने का दावा कर रही है। प्रदेश में 1.52 करोड़ उपभोक्ता हैं। इसमें से 14 लाख किसानों व 1.24 करोड़ घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिल में सब्सिडी दी जा रही है। यानि, इसमें 90 प्रतिशत उपभोक्ता शामिल हैं।

90 हज़ार करोड़ का घाटा, कौन जिम्मेदार?

कंपनियों का घाटा फिर 90 हजार करोड़ पहुंच गया। इसमें सबसे ज्यादा जोधपुर डिस्कॉम का है। पिछले वित्तीय वर्ष में इसमें 500 करोड़ इजाफा हुआ। विद्युत लॉस अब भी औसतन 17 प्रतिशत है।

पहले बकाया चुकाएं

डिस्कॉम्स का करीब एक लाख करोड़ का घाटा है और सब्सिडी की भरपाई के लिए उनको प्रति वर्ष 60 हजार करोड़ का लोन लेना पड़ता है। जिसका ब्याज सालाना लगभग 6500 करोड़ रुपए होता है। सरकार पहले विद्युत कंपनियों का बकाया चुकाए।- राजेंद्र राठौड़, नेता प्रतिपक्ष

ये हैं निशुल्क बिजली योजना (घरेलू अनुदान)-

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओ को अधिक से अधिक राहत प्रदान करने के लिए 31 मई को एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील निर्णय लिया। इसके तहत मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना (घरेलू अनुदान) में अब 100 यूनिट्स प्रतिमाह तक बिजली उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य होने के साथ ही समस्त घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट्स प्रतिमाह से अधिक उपभोग होने पर भी पहले 100 यूनिट्स बिजली निःशुल्क दी जाएगी।

इसी प्रकार 200 यूनिट्स प्रतिमाह तक बिजली उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के पहले 100 यूनिट्स निःशुल्क बिजली के साथ 200 यूनिट्स तक के स्थायी शुल्क, फ्यूल सरचार्ज एवं अन्य सभी शुल्क भी माफ़ होंगे।


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