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राजस्थान में अभी और खुलेगा भर्तियों का पिटारा! शिक्षा विभाग में होंगी 8 हज़ार से ज़्यादा पदों पर भर्ती

आगामी वर्ष में 6 हजार 366 शैक्षणिक एवं 2 हजार 16 गैर शैक्षणिक यानी कि कुल 8 हजार 362 पदों पर भर्तियां की जाएगी।

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जयपुर।

राजस्थान में मौजूदा वसुंधरा सरकार के कार्यकाल का आखिरी साल चल रहा है। विधानसभा चुनाव संभवतया नवम्बर-दिसंबर में होंगें, ऐसे में उससे पहले प्रदेश में आचार संहिता लग जायेगी। लिहाज़ा अब सरकार बाकी रही चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के लिए एक्शन मोड पर नज़र आएगी। सूत्रों के मुताबिक़ विभिन्न विभागों में अभी बेरोज़गारों को सरकारी नौकरियों का तोहफा भी मिल सकता है।

इस बीच उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा है कि उच्च, तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा विभाग में 2 हजार 583 शैक्षणिक और 287 गैर शैक्षणिक पदों पर भर्तियां पूर्ण की गई हैं। अब आगामी वर्ष में 6 हजार 366 शैक्षणिक एवं 2 हजार 16 गैर शैक्षणिक यानी कि कुल 8 हजार 362 पदों पर भर्तियां की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर में प्रवेश के लिए राजस्थान के मूल निवासियों के लिए 25 प्रतिशत सीट आरक्षित की जाएंगी। वहीं बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार निश्चित कर प्रदेश में संचालित 74 इंजीनियरिंग कॉलेजों को आरटीयू में तथा 35 कॉलेजों को बीटीयू के क्षेत्राधिकार में रखा जाएगा। आगामी शैक्षणिक सत्र से यह विश्वविद्यालय अपने क्षेत्राधिकार में स्थित महाविद्यालयों के संबद्ध परीक्षा जैसे कार्य प्रारम्भ कर देगा।

माहेश्वरी ने कहा कि हमारी मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक उपखंड मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय हो। वर्तमान सरकार के गठन के समय 289 उपखंडों में से 178 उपखंडों पर राजकीय महाविद्यालय नहीं थे। अब सरकार द्वारा नए महाविद्यालय खोलने के बाद केवल 124 ऎसे उपखंड मुख्यालय हैं जहां राजकीय महाविद्यालय नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में 10 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जिनमें से 51.4 प्रतिशत बेटियां हैं। वर्ष 2017-18 में बेटियों के नामांकन में 17.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है जबकि छात्रों के नामांकन में वृद्धि 10.81 प्रतिशत हुई है।

माहेश्वरी ने कहा कि पर्यटन एवं होटल व्यवसाय क्षेत्र में रोजगार की संभावना को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालयों में छात्रों को मैकग्रा हिल कंपनी के द्वारा 12 विदेशी भाषाएं (जर्मन, जापानी, स्पैनिश, रशियन, पुर्तगीस, इटालियन, फ्रेंच, तुर्किश, चाइनीज, पोलिस, अरबिक और अंग्रेजी) सिखाने के लिए फोरेन लैंग्वेज प्रोग्राम प्रारम्भ किया जाएगा। यह कार्यक्रम ऑनलाइन होगा। इसे प्रथम चरण में राजकीय कन्या महाविद्यालय उदयपुर , राजकीय महाविद्यालय अजमेर , राजकीय महाविद्यालय जयपुर एवं महारानी कॉलेज, जयपुर में प्रारम्भ किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा सदन में की गई घोषणाएंः
• आईआईआईटी कोटा सत्र 2013-14 से अस्थायी कैम्पस एमएनआईटी, जयपुर में संचालित हो रहा है। इसका प्रथम बैच पास आउट हो गया है। राज्य सरकार द्वारा 100 एकड़ भूमि का निःशुल्क आवंटन करने के बाद चार दिवारी का निर्माण पूरा हो गया है। आईआईआईटी कोटा को शीघ्र ही भवन निर्माण प्रारम्भ करवाया जाएगा और हमारी मंशा है कि यह संस्थान कोटा में ही संचालित हो। इस निमित्त आईआईआईटी कोटा को आरटीयू के पेट्रोलियम इंजिनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन में स्थानान्तरित करने के लिए कार्यवाही की जाएगी।

• यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों के लिए 7वें वेतनमान की अधिसूचना विभाग को प्राप्त हो गयी है। इस पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

• राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (पीटीआई) का पदनाम यूजीसी के अनुसार डायरेक्टर फिजिकल एजूकेशन किया जाएगा।

• वर्तमान में सभी राजकीय महाविद्यालयों के 487 पीजी डिपार्टमेंट हैं। इनमें 18 हजार 43 छात्र अध्ययनरत हैं। इन पीजी डिपार्टमेंट्स में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। अब इनमें 18 हजार 43 के स्थान पर 27 हजार 93 सीट्स हो जाएंगी जो 9 हजार 50 ज्यादा हैं। इस वृद्धि से स्नातकोत्तर में 6 हजार 140, एमएससी में 1 हजार 30 और एम.कॉम में 1 हजार 880 छात्र लाभान्वित होंगे।

• विश्वविद्यालय अपने क्षेत्र में विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध कार्य के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जुलाई, 2018 से प्रारंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र से अलवर, भरतपुर, सीकर व बांसवाड़ा विश्वविद्यालय में पांच-पांच पीजी विभाग में शैक्षणिक कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।

• निजी महाविद्यालयों की एनओसी के संबंध में आवेदन प्रक्रिया को सत्र 2017-18 से ऑनलाइन किया गया था। अब इस ऑनलाइन एनओसी आवेदन प्रक्रिया को उच्च शिक्षा के इंटीग्रेटेड पोर्टल पर विकसित किए जा रहे एफिलेशन मैनेजमेंट मॉड्यूल के साथ जोड़ा जाएगा। इससे महाविद्यालय का डेटा विश्वविद्यालय को उपलब्ध हो सकेगा जिससे प्रक्रिया त्वरित व आसान हो सकेगी।

• राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में निजी महाविद्यालयों के लिए एंडोमेंट फंड में भिन्नता होने के कारण इन महाविद्यालय के संचालकों में असंतोष रहता है। इसे दूर करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों में एक समान एंडोमेंट फंड किए जाएंगे।

• प्रदेश के राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में टीचिंग फैकल्टी के लिए यूजीसी के योग्यताएं विश्वविद्यालय द्वारा लागू की जाती है। लागू करते समय इस योग्यताओं में अलग-अलग विश्वविद्यालयों में कुछ अन्तर आ जाता है। इस कारण अभ्यर्थियों में असंतोष उत्पन्न होता है। अतः सभी विश्वविद्यालयों में यूजीसी के मापदण्डानुसार भर्ती के लिए एक समान नियम बनाए जाएंगे।

• राजकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसर पद पर चयन एवं प्राचार्यों की डीपीसी की कार्यवाही आगामी शैक्षिक सत्र से पूर्व करवाई जाएगी।

• शिक्षक दिवस से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाना प्रारम्भ किया जाएगा।

• महिला सशक्तिकरण को बढावा देने के लिए राजकीय जे.डी.बी. कन्या महाविद्यालय, कोटा में महाविद्यालय के सभी पदों पर यानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर प्राचार्य के पद पर महिलाएं पदस्थापित की जाएंगी।

• विभाग के 104 लैब असिस्टेन्ट एवं 32 एलडीसी के पदों पर आगामी 7 दिवस में पदस्थापन के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

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