चुनाव नजदीक आते ही खोली रियायतों की पोटली
जयपुर। चुनाव नजदीक आते ही सरकार ने रियायती दर पर जमीन आवंटन का पिटारा खोल दिया है। प्रदेश के कई शहरों में तो निवेश और सुविधा के नाम पर सस्ती दर पर जमीन दी जा रही है। जयपुर शहर में केवल दो संस्थाओं को ही 5 लाख वर्गमीटर से ज्यादा (करीब 200 बीघा) जमीन का आवंटन किया गया है। इसमें 379 रुपए प्रति वर्गमीटर में भी जमीन आवंटन कर किया गया, जबकि राजधानी जयपुर में आम आदमी तो इस दर पर जमीन लेने का सपना भी नहीं देख सकता। इसके अलावा कोटा में दो संस्थाओं की भूमि आवंटन बहाल किया गया है। 7 मंत्रियों की मंत्रीमण्डलीय एम्पवार्ड कमेटी ने इस पर मुहर लगाई, जिसके बाद संबंधित निकायों ने आवंटन पत्र भी जारी किया।
चारों आवंटित जमीन मामले में तुलनात्मक अंतर
रियायती दर- 70 करोड़ रुपए
बाजार दर- 670 करोड़ रुपए
आरक्षित, डीएलसी दर- 194 करोड़ रुपए
निवेश-सुविधा के नाम पर रियायत, पर गारंटी क्या?
-सरकार ने भू-आवंटन नीति के तहत रियायती दर पर जमीन आवंटन किया है। इसके अधिकार मंत्रीमण्डलीय एम्पावर्ड कमेटी को दे रखे हैं।
-निवेश और सुविधा के नाम पर रियायत दी जा सकती है, लेकिन सवाल यह है कि इस रियायत का फायदा आमजन को कैसे मिलेगा, यह सुनिश्चित नहीं किया गया है।किसी की भी जिम्मेदारी तय नहीं की।
-सरकारों ने पहले भी अस्पताल, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज व अन्य गतिविधि के लिए संस्थाओं को 1 रुपए टोकन राशि से लेकर अन्य रियायती दर पर जमीन आवंटन किया। लेकिन ज्यादातर मामलों में गरीब, जरूरतमंदों को निर्धारित रियायती दर पर पूरी सुविधा नहीं मिल रही है। सरकारी जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हो चुका है।
स्वास्थ्य विश्विद्यालय से लेकर अस्पताल के लिए जमीन आवंटन.
1. इंडियन मेडिकल ट्रस्ट
स्थान- साइंसटेक सिटी, दिल्ली रोड
जमीन क्षेत्रफल- 4,04,164 वर्ग मीटर
उपयोग- स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय
डीएलसी दर- 1052.80 रुपए प्रति वर्गमीटर
आवंटन दर- 379 रुपए प्रति वर्गमीटर (डीएलसी दर प्लस 20 प्रतिशत का 30 प्रतिशत राशि पर)
कुल आवंटन राशि- 16.69 करोड़ रुपए (इसमें शहरी जमाबंदी, बीएसयूपी शेल्टर फण्ड, नलकूप व पाइपलाइन खर्च भी शामिल है)
अंतर समझें — बाजार दर 9000 रुपए प्रति वर्गमीटर है और उस आधार पर जमीन की कीमत करीब 363 करोड़ रुपए आती है। डीएलसी दर से भी गणना करें तो 43 करोड़ रुपए कीमत होगी।
2. इंडियन मेडिकल ट्रस्ट
स्थान- सिरोली, गोनेर
जमीन क्षेत्रफल- 64122 वर्गमीटर
उपयोग- सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल
संस्थानिक आरक्षित दर- 12500 रुपए प्रति वर्गमीटर
आवंटन दर- 4313 रुपए प्रति वर्गमीटर (संस्थानिक आरक्षित दर प्लस 15 प्रतिशत का 30 प्रतिशत राशि पर)
कुल आवंटन राशि- 27.65 करोड़ रुपए (इसमें शहरी जमाबंदी, बीएसयूपी शेल्टर फण्ड व अन्य खर्चे शामिल नहीं है)
अंतर समझें — बाजार दर करीब 27 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर है और इस हिसाब से करीब 173 करोड़ रुपए कीमत होती है। आरक्षित दर से गणना करें तो भी 80 करोड़ से ज्यादा की जमीन है।
3. इंडियन मेडिकल ट्रस्ट
स्थान- सिरोली, गोनेर
जमीन क्षेत्रफल- 31333 वर्गमीटर
उपयोग- रेजिडेंशियल हायर सेकेण्डरी स्कूल
संस्थानिक आरक्षित दर- 12500 रुपए प्रति वर्गमीटर
आवंटन दर- 4313 रुपए प्रति वर्गमीटर (संस्थानिक आरक्षित दर प्लस 15 प्रतिशत का 30 प्रतिशत राशि पर)
कुल आवंटन राशि- 13.51 करोड़ रुपए (इसमें शहरी जमाबंदी, बीएसयूपी शेल्टर फण्ड व अन्य खर्चे शामिल नहीं है)
अंतर समझें — बाजार दर के हिसाब से जमीन की कीमत करीब 85 करोड़ रुपए है। वहीं, संस्थानिक आरक्षित दर के आधार पर 40 करोड़ रुपए कीमत है।
4. ईजीआइएस हेल्थकेयर सर्विसेज प्रा. लि.
स्थान- मेट्रो एनक्लेव, बी-2 बायपास
जमीन क्षेत्रफल- 8138 वर्ग मीटर
उपयोग- गेस्ट्रो एवं कैंसर अस्पताल
संस्थानिक आरक्षित दर- 25 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर
आवंटन दर- 8625 रुपए प्रति वर्गमीटर (संस्थानिक आरक्षित दर प्लस 15 प्रतिशत का 30 प्रतिशत राशि पर)
कुल आवंटन राशि- 7.83 करोड़ रुपए(इसमें शहरी जमाबंदी, बीएसयूपी शेल्टर फण्ड, नलकूप व पाइपलाइन खर्च भी शामिल है)
अंतर समझें — इसी योजना में जेडीए नीलामी में 60 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर से ज्यादा दर पर भूखंड बेचा चुका है। बाजार दर के अनुसार करीब 49 करोड़ रुपए की जमीन होगी। जबकि, आरक्षित दर के आधार पर करीब 21 करोड़ रुपए जमीन की कीमत है।
इन 7 मंत्रियों ने लगाई मुहर
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, राजस्व मंत्री रामलाल जाट, महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव। मंत्रीमण्डलीय एम्पावर्ड कमेटी को रियायती दर पर जमीन आवंटन का निर्णय लेने का अधिकार है।