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जयपुर। दिव्यांगों के जीवन को सशक्त बनाने के लिए राजस्थान सरकार लगातार प्रयास कर रही है। दिव्यांग व्यक्तियों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में दिव्यांगजनों, किसानों, विधवाओं और वृद्धजनों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा योजना में भी बदलाव किए। इस योजना के तहत पहले 1150 रुपये दिए जाते थे अब राशि बढ़ाकर 1250 कर दी गई है। इसी के साथ राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भजनलाल सरकार ने दिव्यांगो के लिए घोषणा की थी। घोषणा में दिव्यांगो को पदोन्नति में 4 प्रतिशत नोशनल आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
सरकार दिव्यांगजनों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री एकल नारी समान पेंशन योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन समान पेंशन योजना, राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, सुखद दांपत्य विवाह अनुदान योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना, विशेष योग्यजन राज्य स्तरीय पुरस्कार योजना, और बुजुर्ग पेंशन योजना शामिल हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना दिव्यांगों के जीवन को सशक्त बनाने में वरदान साबित हो रही है। यह योजना विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं के माध्यम से सभी दिव्यांगजनों को समान अधिकार मिल सके।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में लाभार्थी ई-मित्र केंद्र पर बायोमेट्रिक के जरिए, स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा या एड्रॉइड मोबाइल ऐप के माध्यम से सत्यापन करा सकते है।
इस योजना में का लाभ उठाने के लिए दिव्यांगों के पास लाभार्थी का नाम, पता, माता-पिता का नाम और जन्मतिथि सत्यापित करने हेतु आवश्यक दस्तावेज, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, पैन कार्ड,आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, फोटो और हस्ताक्षर इत्यादि होने आवश्यक हैं।
इस योजना में 40 प्रतिशत या उससे अधिक अपंगता से ग्रस्त होने वाले विशेष योग्यजन इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते है।
Updated on:
13 Apr 2025, 3:59 PM IST
Published on:
13 Apr 2025, 3:03 PM IST
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