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Rajasthan Rain: राजस्थान में यहां बाढ़ जैसे हालात, स्कूल में करनी पड़ी छुट्टी; नाव चलाकर पहुंचे लोग

पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र परिसंचरण तंत्र के रूप में परिवर्तित होने से मानसून ट्रफ लाइन गंगानगर, रोहतक से होकर गुजर रही है। जिससे राजस्थान में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
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जयपुर

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Lokendra Sainger

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Updated: 2 Jul 2025, 11:47 AM IST

rajasthan rain

Photo- Patrika Network

Rajasthan Weather News: राजस्थान के कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, अजमेर, बूंदी सहित कई जिलों में बुधवार सुबह से बारिश हो रही है। पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र परिसंचरण तंत्र के रूप में परिवर्तित होने से मानसून ट्रफ लाइन गंगानगर, रोहतक से होकर गुजर रही है। जिससे प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है। हालांकि कई इलाकों में भारी बारिश से लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे में मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। इसके चलते गूंजली नदी उफान पर है। तेज बारिश के कारण हमेरगंज पुल के 3 से 4 फीट ऊपर से पानी बह रहा है। हाड़ा की मोरवन, खडामा, दौलपुरा, हमेरजंग व केवड़ों का लुहारिया का पंचायत मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।

अजमेर में स्कूल में पानी भरने से छुट्टी

अजमेर के केकड़ी में शोलिया गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 4-5 फीट बरसात का पानी भर गया। जिससे स्कूल में पानी भरने से छात्र-छात्राओं की छुट्टी करनी पड़ी। स्कूल के कमरों में पानी भर गया। मिड डे मील का पोषाहार भी बरसात की भेंट चढ़ गया। गांव में चारों तरफ बरसात का पानी भर गया। जिसके चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।

झालावाड़ में पानी में डूब गई कार

झालरापाटन के नगर में मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बरसात का दौर बुधवार सुबह तक जारी रहा। मूसलाधार बरसात होने से बुधवार सुबह जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। समाचार पत्र वितरण के साथ ही दूधियों को दूध देने में परेशानी आई। बच्चों को स्कूल जाने में भी दिक्कत रही। तेज बरसात होने के कारण नाली और नालों का पानी बहकर सड़कों पर आ जाने के कारण भवानी मंडी मार्ग पर कृषि उपज मंडी के सामने, लंका दरवाजा, सूरजपोल दरवाजा व गिन्दोर दरवाजा बाहर तथा अन्य कई जगह सड़कों पर पानी इकट्ठा हो गया।

जिससे लोगों व दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई। तेज बरसात के कारण कई मकानों की छतो से पानी टपकने लग गया। तहसीलदार नरेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि मंगलवार रात को नगर में 97 मिली मीटर बरसात रिकॉर्ड की गई। 1 जून से लेकर 2 जुलाई सुबह 8 बजे तक 403 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

झालावाड़ के तमोलिया गांव मे सड़क पर बरसाती पानी भर गया। जिसमें कार डूब गई। वहीं, देर झमाझम बरसात में नदी नालों में उफान आ गया।

रटलाई कस्बे में मंगलवार रात को हुई मूसलाधार बारिश के बाद झालरापाटन मार्ग सुदामा नगर सहित आदि जगहों पर पानी भर गया। जिससे निकलने में लोगों को खासी परेशानी हुई।

रटलाई कस्बे के निकट गांव रीझोन के नाले पर बारिश का पानी आने से उफान पर आया। जिसके कारण कई घंटे तक रास्ता बन रहा।

कोटा-बनियानी सड़क मार्ग में भरें बरसाती पानी से गुजरते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रामगंजमंडी शहर मे रात एक बजे से सुबह आठ बजे तक साढ़े पांच इंच बरसात दर्ज की गई।

गोलाना कस्बे के बाजार में दो से पांच फीट तक पानी का बहाव। सीनियर स्कूल भवन सहित कई मकान दुकानों में घुसा पानी।

बूंदी में व्यवस्थाओं की खुली पोल

बूदीं के तालेड़ा में लगातार बारिश से धनेश्वर की ग्राम पंचायत और सरकारी विद्यालय में 3 से 4 फीट पानी भर गया है। ग्रामीण पानी की निकासी में जुटे है। ग्रामीण का कहना है कि ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। नाली और नालियां बंद गई है। साफ सफाई नहीं होने के कारण बारिश के पानी की निकाली नहीं हो पाई रही है।

कोटा बैराज के खोले 5 गेट

कोटा में भारी बारिश के चलते कई घरों में पानी भर गया। चंबल के बांधों में हो रही पानी की आवक के चलते कोटा बैराज के 5 गेट खोले गए हैं। करीब 75,186 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही। बैराज के 4 गेट 15-15 फीट व 1 गेट 5 फीट खोला गया है।

कोटा के मोड़क में बाज़ारो में दुकानें पानी मे डूब चुकी है। मोड़क स्थिति दरगाह परिसर में 6 लोग फंस गए। वहीं, मोड़क गांव चौराहा स्थित नाला उफान पर आने से लोग जान जोखिम में डाल कर पार कर रहे है।

कोटा के मोड़क स्टेशन अंडरपास में भरा पानी गया।

कोटा के मोड़क स्टेशन में पानी मे रेलवे ट्रैक डूबा।

कोटा के मोड़क में खेतो में फंसे लोगों को निकालने के लिए ग्रामीण नाव चलाकर पहुंचे।

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