
Nautapa 2026 : रोहिणी नक्षत्र में सूर्य प्रवेश के बाद क्यों बढ़ेगी गर्मी? (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)ज्योतिषियों की चेतावनी चौंकाएगी
Nautapa 2026: ज्येष्ठ मास के देवता और आकाशीय मंडल के प्रधानग्रह सूर्यदेव का सोमवार दोपहर 3.38 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश होगा। इसी के साथ नौतपा की भी शुरुआत होगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक नौ दिन की अवधि में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी काफी कम रहेगी। नौतपा (Nautapa 2026) के सभी दिनों में भीषण गर्मी को मानसून में अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
इस बार आखिरी छह दिन में बुध और सूर्य की युति के कारण तेज आंधी और बारिश के योग भी रहेंगे। पं. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि 29 मई को सुबह 7:10 बजे बुध देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। नौतपा के पहले छह दिन अधिक गर्म रहेंगे। इसके बाद तीन दिन आंधी चलने व बारिश के आसार हैं।
इस बीच मौसम विभाग ने भी सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताई है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक बारिश नहीं होने के आसार हैं। पश्चिमी राजस्थान में हीट वेव का दौर हावी रहेगा। शहर का तापमान 46 से 48 डिग्री तक रह सकता है। पूर्वी राजस्थान में तापमान 45 डिग्री से अधिक रह सकता है। सामान्य से चार डिग्री तक तापमान बढ़ेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक इस बार रोहिणी का निवास समुद्र में होने से समय पर अच्छी वर्षा के संकेत हैं। रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जिन्हें शीतलता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन सूर्य के इस नक्षत्र में आने से उसकी शीतलता कम होती है। इससे गर्मी अपने चरम पर होती है। शुरुआती दिनों में तेज लू और अत्यधिक गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
30 मई से जयपुर शहर में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे नौतपा खंडित होगा। आगामी वर्षाकाल में खंडवर्षा के योग भी रहेंगे। नौतपा के आखिरी दो से तीन दिन में बूंदाबांदी के आसार हैं।
वर्ष 1999 में नौतपा के दौरान दो मंगलवार और ज्येष्ठ अधिक मास का संयोग बना था। इस बार भी दो मंगलवार रहेंगे। इसके अलावा मिथुन राशि में गुरु, शुक्र और बुध के आने से त्रिग्रही योग भी रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. घनश्याम लाल स्वर्णकार के अनुसार सूर्यदेव की तपिश इस बार अन्य साल के मुकाबले ज्यादा रहेगी। तापमान भी रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मान्यता है कि यदि नौतपा के दौरान बारिश हो जाए तो मानसून थोड़ा कमजोर रह सकता है। इसके आसार कम हैं।
नौतपा के दौरान जल, सत्तू, पंखे, फल, बेल का शरबत, दही आदि का दान शुभ माना जाता है। सूर्य देव को जल अर्पित करें। आयुर्वेदाचार्य डॉ. सतीश गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य की दृष्टि से शीतली प्राणायाम और तरल पदार्थों का सेवन लाभकारी है। ताजा भोजन करें। शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दोपहर 12 से 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें। पानी, छाछ, नींबू पानी, बेल शरबत और अन्य तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।
Published on:
24 May 2026 06:52 pm
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