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राजस्थान के रण में बेनीवाल ने उठाई जाति की बात, कहा क्यों न हो जाट मुख्यमंत्री

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hanuman beniwal

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जयपुर। नई पार्टी की घोषणा करने की तैयारियों में जुटे हुए जाट नेता हनुमान बेनीवाल राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए ही बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। नागौर जिले के खींवसर से निर्दलीय विधायक बेनीवाल ने अब राजस्थान के इस रण में एक नई बात कह डाली है। बेनीवाल का कहना है कि प्रदेश में 20 फीसदी से अधिक जाट हैं तो क्यों न इस बार राजस्थान का नया मुख्यमंत्री जाट नेता बने।

जयपुर में 29 अक्टूबर को बड़ी रैली कर नई पार्टी की घोषणा करने की तैयारी में जुटे बेनीवाल ने कहा, मैं तो कहता हूं कि जाट क्यों नहीं मुख्यमंत्री हो सकता। इसमें बुराई क्या है, प्रदेश में जब 20 फीसदी से अधिक जाट हैं और 70 सीटें जाट बहुल्य हैं तो फिर मुखिया भी जाट ही होना चाहिए। बेनीवाल ने कहा, प्रदेश में 40 सीट ऐसी हैं, जहां जाटों की संख्या 10 हजार से 50 हजार तक है। वहीं दस सीट ऐसी हैं जहां जाट पांच हजार से लेकर दस हजार तक हैं। इसके अनुसार राजस्थान में 120 सीट हुई जहां जाट मतदाता अधिक हैं।

कांग्रेस ने कभी नहीं बनने दिया मुख्यमंत्री
बेनीवाल ने कहा, वर्ष 1952 से लेकर 2013 तक कांग्रेस ने भी कई जाट नेताओं के चेहरे आगे किए, लेकिन कभी उन्हें मुख्यमंत्री बनने नहीं दिया। कभी प्रदेश का गृहमंत्री भी नहीं बनाया। अब जो अगुवाई करेगा वो तो अपना हक रखेगा। हम लोगों के मन में यह पीड़ा है कि राजस्थान में हमारा सीएम नहीं बना। सभी जातियों का सीएम बना हमारा क्यों नहीं बना। युवाओं, किसानों और गांव ढाणियों के अंदर यह बात है कि हमारा सीएम अब तक क्यों नहीं बना। हमारा सीएम भी बनना चाहिए। इसमें कोई बुराई भी नहीं है।

जाट नहीं तो तीसरा मोर्चा शून्य
बेनीवाल ने कहा, इतना बड़ा समाज है फिर भी हमारा कोई हाइकोर्ट का जस्टिस भी नहीं है। समाज हमेशा पीछे रहा है। इसकी हमें पीड़ा है। हम वैसे सभी समाज को लेकर चल रहे हैं, लेकिन जब तक जाट खुलकर सामने नहीं आएगा तब तक तीसरे मोर्चे की बात राजस्थान में शून्य है।