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Rajasthan Weather: आसमान से बरस रही ‘सोने की बूंदें, मावठ होते देख क्यों खिल उठे किसान

मौसम विभाग ने बुधवार को राजस्थान के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट दिया है। इससे भले ही सर्दी के तेवर तीखे हो जाएं लेकिन किसानों के लिए यह बारिश यानी मावठ अच्छी है, जानिए क्यों है ऐसा:

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जयपुर

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Amit Purohit

Jan 25, 2023

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किसान के खेत में खिली गेंहू की फसल

कोहरे और मावठ से सर्दी के तीखे तेवरों ने चाहें एक बार फिर लोगों को ठिठुरा दिया हो, लेकिन कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम रबी की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है। ठंड़े मौसम से फसलों की बढ़त होगी और नमी से सिंचाई की जरूरत न रहेगी। मावठ होने से गेहूं, चना, सरसों, मटर, पालक, मैथी, धनिया, मूली, गाजर, गोभी आदि फसलों में चमक लौट आई है। विशेष तौर पर गेहूं की फसल को अच्छा फूटान मिलेगा और बेहतर ग्रोथ होगी। अच्छी मावठ होने पर बिजली की खपत भी आधी रह जाएगी क्योंकि सिंचाई की जरूरत कम रहेगी।

क्या है मावठ या गोल्डन ड्रोप्स:
सर्दियों में होने वाली बारिश के लिए मावठ राजस्थानी शब्द है, आमतौर पर यह बारिश माघ मास में होती है। भूमध्य सागर से लेकर भारत तक खाली मैदान और रेगिस्तान होने की वजह से हवा बिना किसी अवरोध के भारत तक पहुंचती हैं। इस हवा के कारण होने वाली बारिश 'मावठ' कहलाती है। इस वर्षा से गेहुँ की फसल को शुरुआती बढ़त मिल जाती है। यह वर्षा उत्तर-पश्चिमी भारत, उत्तर भारत और उत्तरपूर्वी भारत के इलाकों में होती है और फसलों के पोषण के लिए अच्छी मानी जाती है। इन्हें 'गोल्डन ड्रोप्स' भी कहा जाता है।

सर्दियों में बारिश वाला मानसून:
भूमध्यसागरीय मानसून राजस्थान में पश्चिमी दिशा से प्रवेश करता है। पश्चिमी दिशा से प्रवेश करने के कारण इस मानसून को पश्चिमी विक्षोभों का मानसून के उपनाम से जाना जाता है। इस मानसून से राजस्थान में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में वर्षा होती है। यह मानसून मुख्यतः सर्दियों में वर्षा करता है।