Rajasthan Monsoon: शहर में एक दिन पहले शनिवार को आई बारिश ने नाला सफाई और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। शहर की सड़के तालाब जैसी नजर आई। जगह—जगह जलभराव हो गया।
जयपुर। शहर में एक दिन पहले शनिवार को आई बारिश ने नाला सफाई और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। शहर की सड़के तालाब जैसी नजर आई। जगह—जगह जलभराव हो गया। जलभराव से पानी निकासी व गड्ढ़ों को भरने के लिए नगर निगम और जेडीए की संसाधन कम पड़ गए। निगम प्रशासन दूसरे दिन रविवार को भी पानी निकासी में जुटा रहा। जगह—जगह से शिकायतें आती रही।
शहर में आई तेज बारिश ने दोनों नगर निगमों और जेडीए के आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी। बाढ़ नियत्रण कक्ष की सच्चाई सामने आ गई। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संसाधन नहीं होने से शहर में जलभराव से पानी निकसी दूसरे दिन भी नहीं हो पाई। पानी निकासी के लिए मडपंप कम पड़ गए। मिट्टी के कट्टे भिजवाने के लिए संसाधन नहीं मिले। बाढ़ नियंत्रण कक्षों में पर्याप्त मात्रा में मिट्टी के कट्टे भरे हुए नहीं मिले। शिकायतों का अंबार लगने के बाद मिट्टी के कट्टे मंगवाए गए। शहर के बाढ़ नियंत्रण कक्षों में 250 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई। इसमें 100 से अधिक शिकायतें दूसरे दिन भी बनी रही।
कहां से कितने मिट्टी के कट्टे भेजे
बनीपार्क — 31408
घाटगेट — 11320
आमेर — 13065
जेडीए — 94190
ग्रेटर नगर निगम — 11975
महापौर के सामने आई सच्चाई, दिए नोटिस
हैरिटेज नगर निगम महापौर मुनेश गुर्जर बारिश के दौरान बाढ़ नियंत्रण कक्षों पर पहुंची तो खामियां देख नाराज हुई। महापौर ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष में व्यवस्थाओं में खामियों को लेकर उपायुक्त फायर छगन यादव, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी देवेंद्र मीणा, सहायक अग्निशमन अधिकारी व फायरमैन को नोटिस देने के निर्देश दिए।