जयपुर।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने जम्मू कश्मीर के बजट पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए कई मुद्दों को उठाया। सांसद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का नाम जब जहन में आता है तो दो चित्र उभरकर सामने आते हैं। एक जिसमे हिंदुस्तान का स्वर्ग और दूसरा जिसमे खून खराबा। आजादी के दशकों बाद तक लंबे समय तक देश में शासन करने वाले दल ने राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए जम्मू कश्मीर के जो हालात बनाए उसे यह देश जानता है और समझता है।
सांसद ने जम्मू कश्मीर में सतह पर विकास को बढ़ावा देने की मांग उठाते हुए कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार ने अपने सात वर्षो के शासन काल में सबसे अच्छा कार्य जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष रूप से बनाई गई धारा 370 तथा अनुच्छेद 35-ए के प्रावधानों को निरस्त करके किया और धारा 370 हटाना ऐतिहासिक कदम था।
सांसद ने कहा की जम्मू कश्मीर में स्कूलों का ढांचा विकसित करने, स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए सरकार को अभी और कार्य वहां करने की जरूरत है, साथ ही जम्मू-कश्मीर के युवाओं को स्थाई रोजगार कैसे मिले उसके लिए निर्धारित पॉलिसी लाने की जरुरत है। सांसद ने जम्मू कश्मीर में मौसमी शिक्षक जो गुर्जर बकरवाल समाज के है, उन्हें 6 माह के स्थान पर 12 माह तक रखे जाने और उनकी पोस्टिंग उनके नजदीकी ब्लॉक में देकर वेतन को भी बढाए जाने की मांग की। वहीं जम्मू कश्मीर में पूंछ-लोरन-सिब-सरा-मोलसर-बड़ा पत्थर-जमियावाली गली से चांगा मार्ग की सड़क के लिए बजट देने की मांग की।
कश्मीरी पंडितों को लेकर लगाए आरोप
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा की 90 के दशक में कांग्रेस सरकार की सरफरस्ती में जम्मू-कश्मीर में जो जुल्म कश्मीरी पंडितों पर हुए, उसे भुलाया नहीं जा सकता, क्योंकि जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए पंडितो पर जुल्म होने दिए तब इनकी आवाज तक नहीं आई और आज जब धारा 370 हटाई तब इनके पेट में दर्द होना शुरू हो गया।
सांसद ने कहा की पूरा देश जानता की देश के विरोध में लोगों को भड़काने वाले नेताओं को किसने सुरक्षा दी, वो कौन लोग थे जो जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए भेजा जाने वाला बजट बांटकर हजम कर जाते थे? स्वर्ग जैसे कश्मीर में क्या हालत बना दी गई, कांग्रेस को यह बात भूलनी नहीं चाहिए, उन्होंने देश के सभी राज्यों में कश्मीर फ़ाइल फिल्म को टैक्स फ्री करने व पेट्रोल डीजल की कीमतों को कम करने की भी मांग उठाई।