
रेड्डी, त्रिपाठी और यादव में से एक बनेगा राजस्थान का नया डीजीपी, कार्यकाल तय करेगा पैनल में शामिल होने वाले तीन नाम
ओमप्रकाश शर्मा / जयपुर। नए पुलिस महानिदेशक ( Director General of Police DGP ) की पर्ची अब मुख्यमंत्री को खोलनी है। संघ लोक सेवा आयोग जल्द ही तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजेगा। उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक वरिष्ठता एवं शेष कार्यकाल के आधार पर इसमें एन.आर.के. रेड्डी, आलोक त्रिपाठी और भूपेन्द्र यादव का पैनल बनने की संभावना है। ऐसे में इनमें से किसी एक के नाम की पर्ची खुलेगी। खास बात यह है कि तीनों ही आईपीएस 1986 बैच के अफसर हैं।
कोर्ट से तय प्रक्रिया की पालना में राज्य सरकार ने पहली बार पैनल बनाकर भेजा है। सरकार ने आयोग को भेजे पैनल में सबसे ऊपर 1985 बैच के अधिकारी ओपी गल्होत्रा का नाम हैं। उन्हें 4 माह बाद ही अक्टूबर में सेवानिवृत्त होना है। कोर्ट का आदेश है कि इस प्रक्रिया में उन्हें ही शामिल किया जाए जिनका न्यूनतम 6 माह का कार्यकाल शेष है। ऐसे में गल्होत्रा के अंतिम तीन की दौड़ से बाहर होने की संभावना है।
पैनल में दूसरे नम्बर पर 1986 बैच के आईपीएस एनआरके रेड्डी हैं। रेड्डी का फिलहाल 11 माह का कार्यकाल शेष है। वे वरिष्ठता और कार्यकाल के मुताबिक भी दूसरे नम्बर पर हैं। ऐसे में उनका अंतिम तीन के पैनल में नाम आना तय माना जा रहा है। पैनल में तीसरी वरीयता पर और कार्यकाल के मामले में रेड्डी से ज्यादा उन्हीं के बैच के आईपीएस आलोक त्रिपाठी हैं। त्रिपाठी 15 माह बाद सितम्बर 2020 में रिटायर होंगे। ऐसे में उनका भी नाम अंतिम तीन के पैनल में आना तय माना जा रहा है।
पैनल की चौथी वरीयता में 1986 बैच के आईपीएस भूपेन्द्र यादव हैं। कार्यकाल के लिहाज से यादव के पास ठीक 6 माह का समय बचा है। वे इसी वर्ष 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में उनका नाम भी अंतिम तीन के पैनल में आने की पूरी उम्मीद है। केन्द्र के भेजे गए पैनल में यों तो 1987 बैच के अधिकारी राजीव दासोत और मोहन लाल लाठर का नाम भी शामिल हैं। मौजूदा पैनल में शामिल अफसरों से वरिष्ठता कम होने के कारण इनका नाम अंतिम तीन की दौड़ में शामिल होने की उम्मीद कम है।
सिर्फ यादव का जोधपुर कनेक्शन
संघ लोक सेवा आयोग से आने वाले तीन अधिकारियों के पैनल में शामिल होने वाले अधिकारियों में भूपेन्द्र यादव ही एक ऐसे अधिकारी हैं, जिनका जोधपुर कनेक्शन हैं। वे कांग्रेस शासन में जोधपुर एसपी रहे। इसके अलावा जोधपुर एसीबी में डीआइजी भी रहे। जोधपुर में ही लम्बे समय तक सरदार पटेल यूनिर्विसटी के वाइस चांसलर रहे। इसके विपरीत रेड्डी कांग्रेस शासन में प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं। वे अभी भाजपा सरकार के समय प्रतिनियुक्ति से लौटे थे और अब फिर प्रतिनियुक्ति के लिए अर्जी दी थी। सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर जाने की इजाजत भी दे रखी है। आलोक त्रिपाठी लम्बे समय से प्रमुख पद पर हैं। कांग्रेस सरकार के समय उन्होंने एटीएस व एसओजी का जिम्मा सम्भाला था, जिसे भाजपा सरकार ने यथावत रखा। भापजा सरकार के समय एसीबी मुखिया बने। वर्तमान सरकार ने सभी अधिकारियों के तबादले किए, लेकिन त्रिपाठी को यथावत एसीबी मुखिया बनाए रखा।
वरिष्ठता के साथ कार्यकाल का गणित
अधिकारी ---------- बैच ------- सेवानिवृत्ति जून बाद ------- शेष कार्यकाल
ओ.पी.गल्होत्रा ----- 1985 ------ अक्टूबर 2019 ------------- 04 माह
एन.आर.रेड्डी ------1986 ------ मई 2020 ----------------- 11 माह
आलोक त्रिपाठी ---- 1986 ------ सितम्बर 2020 ----------- 15 माह
भूपेन्द्र यादव ------- 1986 ------ दिसम्बर 2019 ----------- 06 माह
राजीव दासोत ------ 1987 ------ जुलाई 2021 ------------- 25 माह
एम.एल.लाठर ----- 1987 ------- मई 2021 --------------- 23 माह
Published on:
27 Jun 2019 08:00 am
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