
राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने कुल 19 जिलों का गठन किया था। जिससे प्रदेश में जिलों की कुल संख्या 50 हो गई थी। सरकार बदलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक उपसमिति गठित की है। जो इन नए जिलों को लेकर मंथन करेगी और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। इस मामले को लेकर राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा का कहना है कि हम जनप्रतिनिधियों की बात सुनेंगे और मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।
नए जिलों को लेकर प्रदेश में लगातार सियासत उबाल पर है। इस मामले को लेकर गंगापुर सिटी से कांग्रेस विधायक रामकेश मीना ने कहा कि गंगापुर जिला बनने का पूरे मापदंड तय करता है। करौली जिला बना तब हमने जहर का घूंट पीकर उसको भी सहन किया। अब जाकर गंगापुर को जिला बनाने का गहलोत सरकार ने जिला बनाया है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर गंगापुर जिले से कोई छेड़छाड़ की। कमेटी हो या सरकार हो किसी भी रूप में बर्दास्त नहीं करेंगे। सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। गंगापुर की जनता अपनी जान पर खेल जाऐगी लेकिन जिले को अब निरस्त नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में जिलों के पुनर्गठन के संबंध में एक समिति के गठन को मंजूरी दी है। पूर्व आईएएस ललित.के.पंवार की अध्यक्षता में गठित यह कमेटी नए जिलों के पुनर्गठन के संबंध में मंत्रिमण्डलीय उप-समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में जिलों का पुनर्गठन करते हुए नवीन जिले सृजित किए गए थे। राज्य सरकार द्वारा गठित नवीन जिलों की प्रशासनिक आवश्यकताओं, वित्तीय संसाधनों सहित अन्य बिन्दुओं पर समीक्षा का फैसला किया गया था। हाल ही में इस सन्दर्भ में मंत्रिमण्डलीय उप-समिति का गठन भी किया गया है। नवगठित कमेटी मंत्रिमण्डलीय उप-समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
Updated on:
30 Jun 2024 01:48 pm
Published on:
30 Jun 2024 09:36 am

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