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20 की जगह अब 50 हजार तक किए जा सकेंगे खर्च, जानें पंचायत चुनाव में और क्या-क्या होगा नया

राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में लागू की पंचायत चुनाव की आचार संहिता, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद् सदस्यों व 1971 ग्राम पंचायतों में चुनाव की घोषणा नहीं, 9,171 ग्राम पंचायतों के 90,400 वार्डों में तीन चरणों में होंगे चुनाव, सरपंच के चुनाव ईवीएम व पंच के बैलेट पेपर से

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20 की जगह अब 50 हजार तक किए जा सकेंगे खर्च, जानें पंचायत चुनाव में और क्या-क्या होगा नया

20 की जगह अब 50 हजार तक किए जा सकेंगे खर्च, जानें पंचायत चुनाव में और क्या-क्या होगा नया

जया गुप्ता / जयपुर। जनवरी 2020 में प्रदेश में पंचायत चुनाव ( Rajasthan Panchayat election ) होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। निर्वाचन आयुक्त पी एस मेहरा ने निर्वाचन आयोग के सभागार में प्रेसवार्ता कर पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू की। मेहरा ने बताया कि 11,142 ग्राम पंचायतों व 343 पंचायत समितियों में चुनाव करवाए जाने हैं।

सरकार की 15 नवम्बर की अधिसूचना के बाद जारी की गई अधिसूचनाओं से 9171 पंचायतें प्रभावित नहीं है। इस कारण इन्हीं पंचायतों के 90,400 वार्डों में ही पंच व सरपंच के चुनाव करवाए जाएंगे। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछली बार की अपेक्षा चुनावी खर्च की सीमा बढ़ा दी है। जहां 2014 में पहले उम्मीदवार 20 हजार रुपए तक ही खर्च कर सकता था। वहीं अब 50 हजार तक खर्च किया जा सकेगा।

चुनाव तीन चरणों में होंगे। चरणों की शुरुआत 7 जनवरी से होगी, जो कि 30 जनवरी तक चलेंगे। प्रदेश में पहली बार सरपंच पद के चुनाव ईवीएम मशीनों से होंगे, वहीं वार्ड पंच के चुनाव मतपत्र से होंगे। हालांकि, जिला परिषद् सदस्य, पंचायत समिति सदस्य व संशोधित परिसीमन से प्रभावित 1971 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया। इन ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची के प्रारुप का प्रकाशन 28 दिसम्बर को किया जाएगा।

सवाल, जिनके जवाब आप जानना चाहते हैं
1. सरपंच पद का चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता नहीं रहेगी।

2. जो मतदाता 1 जनवरी 2020 को 18 वर्ष के होंगे, वे भी अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाकर वोट डाल सकेंगे।

3. 27 नवम्बर 1995 के बाद जन्मी संतान दो से अधिक नहीं होनी चाहिए। दो से अधिक होने पर चुनाव नहीं लड़ सकते।

4. चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाई गई। अब 50 हजार तक खर्च किया जा सकेगा। 2014 में यह सीमा 20 हजार रुपए थी।

5. आचार संहिता निर्वाचन क्षेत्र में ही लागू होगी। सरकारी कर्मचारियों के स्थानान्तरण व पदस्थापन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। राज्य सरकार आचार संहित के दौरान कोई भी नई योजना या विकास कार्य शुरू नहीं कर सकेगी।