आनंदपाल के बाद अब लॉरेंस गैंग दहशत का पर्याय बन रहा है। जोधपुर मर्डर में भी इसी गैंग पर संदेह हैं।
जयपुर।
जोधपुर में कानून व्यवस्था की उड़ती धज्जियों के बीच बदमाश लॉरेंस विश्नोई का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि जोधपुर में कारोबारी वासुदेव इसरानी की हत्या में जिन दो शूटर को पुलिस ने पहचाना है वे लॉरेंस के लिए ही काम करते हैं। उनमें से एक काली नाम के शूटर ने तो कुछ महीनों पहले जोधपुर में एक ट्रैवल कारोबारी और ज्वैलर पर फायर किए थे। दोनों पर दो बार से भी ज्यादा फायर हुए थे।
इस घटना के बाद ही सीसीटीवी कैमरों से पहचान कर पुलिस ने लॉरेंस विश्नोई को पंजाब से गिरफ्तार किया था। उसे जोधपुर जेल में रखा गया तो वहां जेल प्रशासन को परेशान करने के चलते उसे अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया।
जोधपुर बंद, नहीं खुले बाजार
जोधपुर में कारोबारी वासुदेव इसरानी की हत्या के विरोध में कोर्ट ने तो कल जोधपुर पुलिस को जमकर लताड़ पिलाई है। व्यापारी पहले से ही पुलिस के विरोध में है। आज जोधपुर में बंद का आह्वान किया गया है। जोधपुर में आज सवेरे से ही दुकानें बंद रखी गई है। माहौल नहीं बिगड़े इसके चलते अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है। फिलहाल पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है।
एसओजी कर रही जांच
जोधपुर पुलिस को कोर्ट की लताड़ पडऩे के बाद डीजीपी अजित सिंह शेखावत ने इस पूरे मामले की जांच अब एसओजी को सौंपी है। एसओजी के दो अफसर उमेश मिश्रा और दिनेश एमन सोमवार शाम ही जोधपुर पहुंच गए हैं। दोनों ने इस बारे में पुलिस अफसरों से बात की है। जिन दो शूटरों का नाम सामने आ रहा है दोनों पंजाब के ही बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले इन दोनों अफसरों ने मिलकर आनंदपाल मामले की जांच की थी। अब यह दूसरा मामला है जब जांच एसओजी को सौंपी गई है। अफसरों इस मामले को लेकर जांच में जुट गए हैं।
जोधपुर और अजमेर जेल में मचा रहा उत्पात
लॉरेंस विश्नोई को पकडऩे के बाद उसे जोधपुर जेल में रखा गया तो वहां पर उसने जेल प्रशासन को परेशान किया। इसके बाद उसे अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया। वहां पर भी उसने जेल में दो बार मोबाइल फोन का उपयोग किया। इसके चलते वहां पर भी जेल प्रशासन को परेशानी हो रही है। जेल प्रशासन ने उससे मिलीभगत करने के आरोप में दो जेलकर्मियों पर भी जांच शुरू कर दी है।