
demo pic
जयपुर। सीएम भजनलाल शर्मा द्वारा पेपर लीक के मामलों की जांच के आदेश के बाद एसआईटी ने सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 में बड़ा खुलासा किया है। एसओजी के एडीजी वीके सिंह के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लीक माना है। मामले में एसओजी माफियाओं और दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इसके अलावा, एसओजी ने 40 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
अब सवाल ये उठ रहा है कि जब जांच कर रही टीम ने परीक्षा के पेपर को लीक माना है तो यह भर्ती सरकार निरस्त क्यों नहीं कर रही? युवाओं का मानना है कि एसआई भर्ती पेपर लीक के मामले में भजनलाल सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। युवाओं का कहना है कि जब जांच कर कमेटी ने पेपर को लीक मानते हुए दर्जन भर से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया। हैरान करने वाली बात यह कि इसमें परीक्षा का टॉपर भी शामिल है।
राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा खुद यह बात कह चुके हैं कि सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 में करीब 440 अभ्यर्थियों का चयन फर्जीवाड़े से हुआ है। मीणा ने एसओजी को कई सबूत भी दिए थे। तो सरकार ने अबतक क्यों नहीं माना है कि पेपर लीक हुई है। राज्य सरकार को परीक्षा निरस्त करके नए सिरे से परीक्षा का आयोजन कराना चाहिए।
पेपर लीक मामलों के खिलाफ आंदोलन करने वाले युवा रोजगार अधिकार संघ ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार शीघ्र इस भर्ती को निरस्त करे, नहीं तो युवाओं की ओर से आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब है कि राजस्थान में एसआई परीक्षा 2021 में पेपर लीक मामले को लेकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जांच में पाया कि उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित कई अभ्यर्थी ऐसे थे, जिन्हें परीक्षा से पहले पेपर तो मिल गया, लेकिन समझ नहीं आया। ऐसे में पेपरलीक गिरोह ने परीक्षा में उनके स्थान पर डमी अभ्यर्थी बिठाए थे।
अतिरिक्त महानिदेशक वी.के. सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जगदीश बिश्नोई सहित अन्य से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है। सांचौर निवासी दो, जालोर व बाड़मेर निवासी तीन-तीन, बीकानेर निवासी दो और जोधपुर, झुंझुनूं निवासी एक-एक आरोपी हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले पेपर पढ़ लिया था। एसओजी की पूछताछ में आरोपियों ने दर्जनों अभ्यर्थियों को पेपर देना स्वीकार किया है।
Published on:
11 Mar 2024 09:16 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
