
rajasthan politics : भाजपा में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में भी नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इस पद के लिए किसे नियुक्त किया जाए इसे लेकर पार्टी में उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार नेता प्रतिपक्ष पद के लिए एसटी या किसान वर्ग पर दांव खेलने की तैयारी में है, ताकि लोकसभा चुनाव में परंपरागत वोट बैंक को साधा जा सके। पार्टी नेतृत्व इसके लिए कई वरिष्ठ विधायकों के नामों पर विचार कर रही है।
सचेतक के लिए तेज तर्रार विधायकों पर नजर
बताया जा रहा है कि पार्टी विधानसभा में विपक्ष का सचेतक किसी तेज तर्रार विधायक को बनाना चाहती है। इसके लिए दूसरी बार चुनाव जीतकर आए युवा विधायकों के साथ-साथ पूर्व में विपक्ष में रहते हुए दमदार तरीके से अपनी बात रखने वाले विधायकों के नामों पर मंथन किया जा रहा है।
एक वजह यह भी
जानकार सूत्रों की मानें तो एसटी और किसान वर्ग से नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के पीछे पार्टी की सोच यह भी है कि इन वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर उन्हें अपने पाले में लाया जाए, ताकि लोकसभा चुनाव में इसका लाभ मिल सके। इसके अलावा पार्टी नेतृत्व की नजर आदिवासी अंचल पर भी है, जहां भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) का जनाधार बढ़ा है। ‘बाप’ इस बार तीन सीटें जीतने में कामयाब रही हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ’बाप’ के बढ़ते प्रभाव से कहीं न कहीं पार्टी का जनाधार खिसक रहा है। ऐसे में आदिवासी अंचल से भी नेता प्रतिपक्ष या उपनेता प्रतिपक्ष बनाकर ’बाप’ के बढ़ते जनाधार को रोकने का प्रयास किए जा सकते हैं।
Published on:
17 Dec 2023 08:56 am

