जयपुर

Rajasthan Politics : अब रविंद्र सिंह भाटी को लेकर नई कॉन्ट्रोवर्सी, जानें इस फोटो से क्यों लग रहे ‘देशद्रोह’ के आरोप

भाजपा प्रत्याशी कैलाश चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम को टक्कर दे रहे निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी के साथ नया विवाद चर्चा में है। दरअसल, भाटी के विरोधी उनकी एक पुरानी तस्वीर वायरल करके उनपर देशद्रोही होने तक के आरोप लगा रहे हैं।

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Apr 16, 2024

राजस्थान की बाड़मेर लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी अब एक नए विवाद में फंसते दिख रहे हैं। विवाद भी ऐसा जिसे लेकर उनके विरोधी उनपर देशद्रोही होने तक के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि भाटी की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके बचाव में समर्थक ज़रूर सक्रीय हो गए हैं।

गौरतलब है कि इस लोकसभा चुनाव में राजस्थान की बाड़मेर लोकसभा सीट 'सुपर हॉट' सीट बनी हुई है। त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी इस सीट पर तीनों ही प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत है, जिस कारण से यहां का मुकाबला और उसके नतीजे दिलचस्प रहने की उम्मीद है।

पुरानी तस्वीर पर छिड़ा विवाद

भाजपा प्रत्याशी कैलाश चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम को टक्कर दे रहे निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी के साथ नया विवाद चर्चा में है। दरअसल, भाटी के विरोधी उनकी एक पुरानी तस्वीर वायरल करके उनपर देशद्रोही होने तक के आरोप लगा रहे हैं। जिस तस्वीर पर विवाद छिड़ा हुआ है, वो रविंद्र सिंह भाटी के पूर्व में हुए एक विदेश यात्रा के दौरान का है। इसमें उनके साथ दिब्येश आनंद नाम का एक शख्स नज़र आ रहा है।

कौन है दिब्येश आनंद?

विदेश दौरे के दौरान रविंद्र भाटी की एक तस्वीर में उनके साथ दिखाई दे रहे शख्स का नाम है दिब्येश आनंद। दिब्येश यूके के लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेमोक्रेसी में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के रीडर हैं। भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य को लेकर उनकी विचारधारा से उन्हें अलगाववादी एक्टिविस्ट होने के आरोप लगते रहे हैं। यही नहीं दिब्येश आनंद की पत्नी निताशा कॉल के भी ISI के लिए काम करने की बातें सामने आईं हैं।

समर्थकों ने संभाला मोर्चा

पुरानी तस्वीर और मुलाक़ात के आधार पर रविंद्र भाटी पर उनके विरोधी उनके देशद्रोही तक के आरोप। इसपर भाटी ने तो कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है, लेकिन उनके समर्थकों ने उनके बचाव में मोर्चा ज़रूर संभाल लिया है। विरोधियों के हमलों को खारिज करते हुए भाटी समर्थक इसे लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें बेवजह बदनाम करने की साजिश करार दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर हुआ ट्रेंड

रविंद्र सिंह भाटी को लेकर ये ताज़ा विवाद अचानक से इस कदर चर्चा का विषय बन गया कि सोशल मीडिया पर कई कैंपेन ट्रेंड करने लगे। ''रविंद्र भाटी'' और ''आएगा तो भाटी ही'' जैसे समर्थकों और विरोधियों के कई कैंपेन ने इस विषय को ट्रेंड पर ला दिया।

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