
बिजली कटौती पर अशोक गहलोत का बड़ा बयान
Rajasthan Power Cut Crisis : राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती के हालात ने जनता की परेशानी बढ़ा दी है। उत्पादन और डिमांड में 1500 से 2500 मेगावाट तक अंतर गहरा गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों के बाद अब छोटे शहरों में भी अघोषित रूप से बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने चिंता जताते हुए बड़ा बयान दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सभी जिलों से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें आ रही हैं। भाजपा ने घोषणा पत्र में 24 घंटे घरेलू बिजली का वादा किया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दावा कर रहे हैं कि घोषणा पत्र के 45 फीसदी वादे पूरे कर दिए परन्तु ये दावा पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री को 6 माह से जारी भारत भ्रमण छोड़कर प्रदेश की जनता की ओर देखना चाहिए, जो इस गर्मी में बिजली कटौती से त्रस्त है।
प्रदेश में पिछले दिनों में 220 केवी जीएसएस के कई फीडर पर आधे से ढाई घंटे तक कटौती की गई है। खास यह है कि डिमांड पूरी करने के लिए ऊर्जा विकास निगम एक्सचेंज से हर दिन 5 से 6 करोड़ यूनिट महंगी बिजली खरीद रहा है। पिछले आठ दिन में 38 करोड़ यूनिट बिजली खरीदी गई। इसके लिए 225 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत चुकाई गई। इसके बावजूद स्थिति सामान्य होती नजर नहीं आ रही।
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पिछले एक पखवाड़े में 590 लाख यूनिट तक बिजली की मांग बढ़ गई। प्रदेश में एक मई को जहां 2836 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति थी, वहीं दूसरी पखवाड़े में 18 मई को 3425 लाख यूनिट तक पहुंच गई। मई में यह रेकॉर्ड डिमांड रही। ऐसे में लोड मैनेजमेंट के लिए अघोषित रूप से कटौती की गई।
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Published on:
21 May 2024 09:29 am

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