जयपुर. महिला स्वयं सहायता समूहों को आसान ब्याज दरों पर ऋण मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ‘राजस्थान महिला निधिÓ की स्थापना करेगी। यह वित्तीय संस्थान तेलंगाना के स्त्री निधि मॉडल पर विकसित होगा। इसके लिए सोमवार को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) और ‘स्त्री निधि तेलंगानाÓ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीना ने बताया कि महिला निधि के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को 40 हजार रुपए तक के ऋण 48 घंटे में और इससे अधिक राशि के ऋण 15 दिन की समय सीमा में वितरित हो सकेंगे। आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना के बाद राजस्थान में देश का यह तीसरा ऐसा वित्तीय संस्थान होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा बजट में इसकी घोषणा की थी। गौरतलब है कि राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की करीब तीस लाख महिलाएं इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
छह जिलों से होगी शुरुआत
सरकार की योजना के अनुसार राजस्थान महिला निधि को पहले साल में 15 जिलों मे स्थापित किया जाएगा। शुरुआत करौली, अलवर, कोटा, डंूगरपुर, राजसमन्द एवं जोधपुर से होगी। इसके बाद चरणबद्ध रूप से प्रदेश में विस्तार होगा।
50 करोड़ का अनुदान तय
राजस्थान महिला निधि की वित्तीय व्यवस्था के लिए राज्य सरकार अगले दो साल में प्रतिवर्ष 25 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। इसके अलावा 110 करोड़ रुपए के अनुदान के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजा गया है।