सीएम अशोक गहलोत के जिंदाबाद के नारे, ढोल की ताल पर थिरकते युवा और आतिशबाजी। ये नजारा राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर देखने को मिला। सीएम अशोक गहलोत की ओर से शुक्रवार को विधानसभा में वित्त विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए कई घोषणा की। करीब 15 साल बाद नए जिलों की घोषणा की गई। वो भी एक.दो नहीं बल्कि 19 जिले बनाए गए। इसके बाद अब प्रदेश में 50 जिले हो गए हैं। इसके साथ ही तीन नए संभाग बनाए गए हैं। जिससे अब 10 संभाग हो गए हैं। वहीं बेरोजगारों के लिए भी रोजगार के नए द्वार खोलने और महिला सुरक्षा को देखते हुए विभिन्न घोषणा की गई। जिस पर एनएसयूआई छात्र संगठन ने खुशी का इजहार करते हुए यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर जश्न मनाया। एनएसयूआई के इकाई अध्यक्ष अमरदीप परिहार ने बताया कि जिस तरह प्रदेश में जननायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि तुम मांगते मांगते थक जाओगे, मैं देता देता नहीं थकूंगा,उस बात को सार्थक करते हुए उन्होंने 3 संभाग और 19 जिलों की घोषणा की है। साथ ही मदरसा पैराटीचर के 6000 से ज्यादा पदों पर भर्ती करन, महाकाल उज्जैन की तर्ज पर जयपुर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में 100 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए जाने की घोषणा की। साथ ही चुनाव से पहले.पहले विभिन्न भर्ती परीक्षाएं कराते हुए नियुक्तियां देने की भी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सीएम अशोक गहलोत ने युवाओं, महिलाओं के साथ.साथ हर वर्ग को कुछ ना कुछ दिया है,उससे ये तय है कि गहलोत सरकार रिपीट होगी।