5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विधानसभा में अनुप्रति योजना पर भिड़े पक्ष-विपक्ष, MLA रफीक खान बोले- आपने छात्रों के छह महीने खराब किए; मंत्री ने दिया ये जवाब

Rajasthan Assembly Budget Session 2025: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को शिक्षा से जुड़े दो अहम मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

2 min read
Google source verification
Rafiq Khan, Tikram Jully and Avinash Gehlot

Rajasthan Assembly Budget Session 2025: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को शिक्षा से जुड़े दो अहम मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना में देरी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को बंद करने को लेकर कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

कांग्रेस विधायक रफीक खान ने अनुप्रति योजना में देरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि फरवरी तक सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा होना चाहिए था, लेकिन अब तक न तो रजिस्ट्रेशन हुए और न ही भुगतान। छात्रों के छह महीने खराब हो गए, इसका जिम्मेदार कौन है?

अनुप्रति योजना को लेकर पक्ष-विपक्ष में बहस

इस पर उच्च शिक्षा मंत्री अविनाश गहलोत ने सफाई देते हुए कहा कि किसी भी छात्र का भविष्य खराब नहीं हुआ है। हमें 200 फीसदी से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और अब तक 1.74 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री जी सवाल का जवाब नहीं दे रहे। जून-जुलाई में भुगतान होना चाहिए था, लेकिन अब तक नहीं हुआ। इस देरी के लिए दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी?

विधानसभा में इस मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। वहीं, मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आपकी सरकार के समय जो भुगतान बकाया था, उसे हमारी सरकार ने पूरा किया है।

अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को बंद करने पर हंगामा

साथ ही विधानसभा में अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को बंद करने का मामला भी जोर-शोर से उठा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजी मीडियम स्कूल तो खोल दिए, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं की। न स्कूलों में पढ़ाने वाले थे और न पढ़ने वाले। कांग्रेस ने सिर्फ बोर्ड टांग दिए और शिक्षा का बंटाधार कर दिया।

उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले में एक उप-समिति का गठन किया है, जो स्कूलों की स्थिति की समीक्षा कर रही है। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा आपकी सरकार को डेढ़ साल हो गए, लेकिन अब तक सिर्फ समीक्षा ही कर रहे हैं। जवाब देने के बजाय भाषण दिए जा रहे हैं।

यहां देखें वीडियो-

स्कूलों में खाली पदों का मुद्दा भी उठा

विधानसभा में फलौदी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में खाली पदों को लेकर भी सवाल उठा। विधायक पब्बा राम बिश्नोई ने सरकार से पूछा कि आखिर कब तक शिक्षकों की नियुक्ति होगी? इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर रिक्त पद भरे जाएंगे। इस जवाब से भी विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और जमकर हंगामा किया।

क्या है मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना?

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। योजना के तहत 30,000 छात्रों को लाभ देना था, लेकिन अब तक 67,427 आवेदन प्राप्त हुए हैं। नए दिशा-निर्देशों के कारण योजना में देरी हुई है। अब तक 1.74 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें : ‘जबरन धर्म परिवर्तन करवाने वालों पर सरकार करेगी कार्रवाई’, सिरोही में बोले मदन राठौड़; स्टेशन पर गंदगी देख जताई नाराजगी