
चित्तौडग़ढ़।
विभिन्न मुद्दों को लेकर नाराज़ चल रहे राजपूतों ने अब तक के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन का खाका तैयार कर लिया है। श्री राजपूत करणी सेना ने इससे पहले सरकार को चेतावनी भरे लहज़े में दो टूक कह डाला है कि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ी संख्या में राजपूतों के साथ दिल्ली कूच किया जाएगा। करणी सेना के संस्थापक व संरक्षक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने दावा किया कि चरणबद्ध तरीके से होने वाली रैलियों के बाद भी सरकार राजपूतों की नाराज़गी दूर नहीं करती है तो 10 मार्च 2019 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ी रैली कर 'ताकत' का हसास करवाया जाएगा। दावा किया गया है कि दिल्ली की रैली में 19 लाख राजपूतों को एकजुट किया जाएगा।
कालवी ने कहा कि अभी हम किसी दल के साथ में नहीं हैं। आगामी चुनाव में हमारा वोट उसी को मिलेगा जो हमारी बात करेगा। चित्तौड़ के बाद 30 सितम्बर को भूपाल में करणी सेना रैली कर इन मुद्दों को उठाने वाली है। संगठन 21 अक्टूबर को जयपुर में बड़़ी रैली करने जा रहा है। तब तक हमारी बात नहीं सुनी जाती है तो वहां कोई बड़ा राजनीतिक फैसला भी लिया जा सकता है। समाज ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो दिल्ली में भी 10 मार्च 2019 को 19 लाख लोगों की रैली की जाएगी।
इससे पहले, श्रीराजपूत करणी सेना के 12वें स्थापना दिवस पर रविवार को चित्तौडग़ढ़ के इंदिरा गांधी स्टेडियम में जौहर स्वाभिमान सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से क्षत्रिय समाज के हजारों लोग पहुंचे। तेज बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक चले सम्मेलन में आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन और पद्मावत फिल्म विवाद के मुद्दे ही छाए रहे।
कालवी ने पचपदरा रैली में कमल का फूल मेरी भूल बता भाजपा छोडऩे का ऐलान करने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंतसिंह के पुत्र शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह का नाम लिए बिना कहा कि न तो मैं यह कहूंगा की हमारी भूल कमल का फूल और न ही ये कहूंगा कि अब हमारा हाथ कांग्रेस के साथ। जो हमारे साथ है हम उसके साथ है। जो ऐसा नहीं करेगा उसे राजनीतिक तौर पर सबक सिखाया जाएगा।
कालवी व श्रीराजपूत करणी सेना के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष महिपालसिंह मकराना ने फिल्म पद्मावत रिलीज के समय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चित्तौडग़ढ़ सांसद सीपी जोशी के अलावा ऐसा कोई नहीं था जो खुलकर फिल्म के विरोध में सामने आता।
सम्मेलन को पूर्व विधायक प्रदीपकुमार सिंह, राजपूत महासभा के गिरिराजसिंह लोटवाड़ा, करणी सेना के प्रदेश महासचिव विश्वबंधुसिंह राठौड़, युगप्रदीप सिंह, कमलेन्द्रसिंह हाड़ा, निर्र्मला कंवर सहित करणी सेना के विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया।
छाते ही छाते
सम्मेलन के दौरान कुछ मिनट छोड़ लगातार तेज बारिश होती रही। सम्मेलन स्थल पर बैठने के कुर्सियां थी लेकिन मंच से लेकर पांडाल तक कहीं भी टेंट नहीं लगाने से पूरे समय लोग भीगते रहे। भीगने वालों में बुर्जुगों से लेकर महिलाएं व बच्चे भी थे। लोग बारिश से बचाव के लिए छाता लगाए रहे। ऐसे में जहां तक नजर जाए छाते ही छाते नजर आ रहे थे।
Published on:
24 Sept 2018 11:41 am
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