24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विदेश से ऑनलाइन राखियां भेज रहीं बहनें, सभी कजिन्स एक ही घर में मना रहे त्योहार

भाई-बहन के प्यार की डोर में बंधी राखी, अब बन रही मोटे अनाज की मिठाइयां भी

2 min read
Google source verification
विदेश से ऑनलाइन राखियां भेज रहीं बहनें, सभी कजिन्स एक ही घर में मना रहे त्योहार

विदेश से ऑनलाइन राखियां भेज रहीं बहनें, सभी कजिन्स एक ही घर में मना रहे त्योहार

जयपुर। भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन समय के साथ आधुनिक होता जा रहा है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के चलन से पहले बहन की राखी दूर बैठे भाई के पास पहुंच तो जाती थी, लेकिन भाई भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाता था। आज इंटरनेट का युग है। भले ही भाई-बहिन दूर हैं, लेकिन वीडियो कॉल के जरिए त्योहार पर जरूर जुड़ जाते हैं। इससे दूर होने का कुछ पल के लिए अहसास भी नहीं होता। बहनें अपने भाई के लिए ऑनलाइन राखी और मिठाई भेज रही हैं और वीडियो कॉल के जरिए रक्षाबंधन मना रहे हैं।

मोटे अनाज के साथ चॉकलेट लड्डू भी

रक्षाबंधन पर पारंपरिक मिठाई के तौर पर लोग मावे की बर्फी और रसगुल्ले खरीदना पसंद कर रहे हैं। हालांकि, समय के साथ मावे की मिठाई में बदलाव आया है। मावे में लौकी, अखरोट और केसर युक्त बर्फी को बहनें अपने भाइयों के लिए खरीदना पंसद करती हैं। वैशाली नगर इलाके में मिठाई का कारोबार करने वाले राजेंद्र शर्मा के अनुसार मूंगथाल और मावे की बर्फी की बिक्री सर्वाधिक होती है। मोटे अनाज की मिठाइयां भी बनाई जा रही हैं। सांगानेर निवासी शिल्पी शर्मा ने बताया कि उन्होंने घर की खोपरे से बनी मिठाई तैयार की है। बच्चों के लिए चॉकलेट, फ्रूट क्रीम, फ्रूट केक चॉकलेट के लड्डू, मल्टी ग्रेन डोनेट्स, कप केक की भी खूब बिक्री हो रही है।

रक्षाबंधन मनाने पुश्तैनी मकान ही जा रहे

हरमाड़ा निवासी पवन सिंह ने बताया कि वे बच्चों की वजह से अपने पुश्तैनी मकान से दूर रहते हैं। त्योहार पर परिवार के साथ अपने पुराने घर पर जरूर जाते हैं। कहते हैं कि सभी कजिन्स मिलकर त्योहार का लुत्फ उठाते हैं और छोटे भाई के परिवार के साथ दादा-दादी के साथ भी समय बिताते हैं। करणी पैलेस रोड निवासी गिरिराज अग्रवाल ने बताया कि वे त्योहार पर अपने घर दौसा जाते हैं और वहीं पूरे परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं।