3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अधिक मास और रमजान आए साथ, सौहार्द की लाए सौगात, मस्जिदों में होगी दुआएं, मंदिरों में अनुष्ठान

देवालयों में बह रही कथा-भागवत रस गंगा, रोजे रखकर इबादत का दौर होगा शुरू
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Pushpendra Singh Shekhawat

•

Updated: 17 May 2018, 6:11 PM IST

अश्विनी भदौरिया / जयपुर। इस बार अधिकमास और रमजान महीना साथ आने से छोटीकाशी में गंगा-जमुनी तहजीब का सुखद नजारा देखने को मिलेगा। अधिकमास में जहां श्रद्धालु मंदिरों में कथा-भावगत और दान-पुण्य का दौर शुरू हो गया है, वहीं अल्लाह की इबादत का पाक महीना रमजान शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। इसी के साथ रोजे और इबादत का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही शहर में सौहार्द के रंग बरसते दिखाई देंगे। दोनों धर्मों के लोग साथ मिलकर दुआ और प्रार्थना करते हुए देश-प्रदेश में सुख-शांति की कामना करेंगे।

जुमे से होगी रमजान की शुरूआत
इस बार रमजान का महीना भी अपने आप में खास बन गया है। रमजान की शुरूआत जुमे से हो रही है और महीने के शुरुआत में ही जुमे की नमाज का अनूठा नजारा शहर में दिखाई देगा। इसी दिन से अकीदतमंद रोजे रखकर अल्लाह की इबादत शुरू कर देंगे। रमजान महीने के पहले दिन ही मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करने के लिए अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा दिखाई देगा। जौहरी बाजार जामा मस्जिद , चार दरवाजा, अजमेरी गेट सहित अन्य मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी।

देवालयों में बरस रहा भागवत कथामृत

इधर 16 मई से अधिक मास की शुरूआत के साथ ही आध्यात्म की बयार बहनी शुरू हो गई है। छोटीकाशी के अनेक मंदिरों में भागवत कथाओं का दौर शुरू हो चुका है वहीं अन्य कई मंदिरों में आगामी दिनों में कथा आयोजन होंगे, जिसके लिए तैयारियां की जा रही है। अधिकमास के साथ ही मंदिरों में कथामृत बरसना शुरू हो गया है। इनमें श्रद्धालु ठाकुरजी की प्रेरणादायी कथाओं का रसपान कर रहे हैं वहीं तीर्थ स्थलों पर जाकर तीर्थ स्नान एवं दान-पुण्य का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

साथ मिलकर बाटेंगे खुशियां
रमजान माह के दौरान सौहार्द का गुलदस्ता खिला दिखेगा। हिन्दू-मुस्लिम भाई मिलकर एक दूसरे के पर्वों की खुशियां बाटेंगे। रमजान में मुस्लिम सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों की ओर से रोजा इफ्तार पार्टियों के आयोजन होंगे। हिन्दू भाई मुस्लिम भाईयों को रोजा इफ्तार कराते हुए एक दूसरे के पर्वों की खुशियां बांटेंगे।