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राजस्थान में सरकारी योजनाओं की रैकिंग में पता चली हकीकत, पढ़ें पूरी खबर

सरकार के तमाम दावों के बाद भी फ्लैगशिप योजनाओं में कई जिले बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। कुछ जिले लगातार अव्वल आ रहे हैं, लेकिन कुछ जिलों ने सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं पर ध्यान तक नहीं दिया।

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विनोद सिंह चौहान
सीकर। सरकार के तमाम दावों के बाद भी फ्लैगशिप योजनाओं में कई जिले बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। कुछ जिले लगातार अव्वल आ रहे हैं, लेकिन कुछ जिलों ने सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं पर ध्यान तक नहीं दिया। सरकार ने अप्रेल से नवम्बर महीने 2022 तक के आंकड़े जारी किए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले की बात करें तो पालनहार योजना व राशन वितरण योजना में जोधपुर अन्य जिलों से काफी पीछे है।

शेखावाटी के लिए राहत की बात यह है कि शुद्ध के लिए युद्ध और मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना में सीकर जिले ने पहली रैंक जारी की है। राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन योजना में सातवां स्थान तथा इंदिरा रसोई योजना में आठवां स्थान, मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना में पांचवां रैंक हासिल की है। शुद्ध के लिए युद्ध योजना में कोटा जिला दूसरे और अजमेर जिला तीसरे पायदान पर रहा है। इस योजना में झालावाड़, बीकानेर व जालौर जिले सबसे फिसड्ड़ी है।

चिरंजीवी, दवा योजना व निरोगी योजना:
राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में सबसे ज्यादा फोकस चिरंजीवी योजना पर है। इस योजना में धौलपुर जिला सबसे आगे है। इस योजना में जयपुर जिला दूसरे व बूंदी तीसरे स्थान पर है। जबकि श्रीगंगानगर, राजसमंद व डूंगरपुर जिला पिछड़े हुए है। मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना में प्रतापगढ़ जिला आगे , जबकि अलवर, जैसलमेर व जयपुर जिला फिसड्डी है। जांच योजना में अलवर जिला सबसे नीचे है। वहीं मुख्यमंत्री दवा योजना में बीकानेर जिला सबसे आगे है, जबकि जालौर, भरतपुर व जैसलमेर जिले पिछड़े हुए है। निरोगी राजस्थान योजना की बात करें तो अजमेर, जोधपुर व बांसवाड़ा जिला आगे है।

राशन वितरण:
इस योजना में बूंदी जिला सबसे आगे है। अक्टूबर महीने की रैकिंग में भी बूंदी पहले पायदान पर था। दूसरे स्थान की बात की जाए तो झुंझुनूं जिला और तीसरे पायदान पर पाली है। इस योजना में सिरोही, कोटा व जोधपुर जिला पिछड़ा हुआ है।

कन्यादान योजना:
कन्यादान योजना में बांसवाड़ा, भीलवाड़ा और बूंदी जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस योजना में करौली, जोधुपर, जयपुर व प्रतापगढ़ जिला पिछड़े हुए है। इस योजना में सीकर जिले की बात की जाए तो 27 वीं रैंक हासिल हुई है।

विशेष योग्यजन पेंशन:
इस योजना में झालावाड़, जालौर व पाली जिले टॉप पर है। जबकि बीकानेर, चूरू व धौलपुर जिला फिसड्डी है।

पालनहार योजना:
पालनहार योजना योजना में बांसवाड़ा जिला सबसे आगे रहा है। इसमें बांरा जिला दूसरे और भरतपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा है। इस योजना में जोधपुर, जयपुर व झुंझुनूं जिला पिछड़े हुए हैं।

कृषि निर्यात:
इस योजना में जोधपुर जिले ने सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। इस योजना में दूसरे पायदान पर अलवर व तीसरे पायदान पर हनुमानगढ़ जिला रहा है।

लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना:
इस योजना में सीकर जिला टॉप पर है। योजना में पाली जिला दूसरे व सवाईमाधोपुर जिला तीसरे पायदान पर है। इस योजना में बांरा व चित्तौडगढ़ जिला फिसड्डी है।

मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना:
युवाओं को सम्बल देने में जैसलेमर जिला टॉप पर है। जबकि सवाईमाधोपुर व जोधपुर जिला दूसरे व तीसरे पायदान पर है। इस योजना में चूरू, बांरा व पाली जिले पिछड़े हुए है।

इंदिरा गांधी रसोई:
इंदिरा गांधी रसाई के संचालन में हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर व प्रतापगढ़ जिला आगे है। इस योजना में भीलवाड़ा, कोटा व जयपुर जिले पिछड़े हुए है।

इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट योजना:
इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट योजना में बांरा जिले की पहली रैंक है। सिरोही की दूसरी और करौली जिले की तीसरी रैंक आई है। इस योजना में झुंझुनूं, प्रतापगढ़, जोधपुर व जयपुर जिले फिसड्डी साबित हुए है। मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना में सिरोही जिला सबसे आगे है। वहीं धौलपुर जिला सबसे फिसड्डी है।

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