
जयपुर। तीन सदियों से खंडहर में तब्दील ऐतिहासिक श्री पंच भूतेश्वर महाकाल मंदिर का हाल ही पुन:निर्माण किया गया। इसके बाद मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया। यह पुन:निर्माण जय सिया राम सेना ऑगनाइजेशन के प्रयासों से संभव हो पाया।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन JSRS Organization ने किया। वैनगंगा नदी से मंदिर तक जलयात्रा निकाली गई। मंदिर के शिखरों पर सूरज की पहली किरणें पड़ते ही वातावरण में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देने लगी। हजारों भक्त पवित्र अनुष्ठान का हिस्सा बने। यह 'महानैवेद्यम' के साथ समाप्त हुआ।
350 वर्षों के बाद भंडारा का मंदिर की पुरानी महिमा फिर से प्राप्त हो चुकी है। मंदिर के मुख्य देवता महादेव हैं। ऑगनाइजेशन के अनुसार लगभग 350 साल पहले औरंगजेब के समय में यह मंदिर खंडहर बन गया था। पूजा और अनुष्ठान रुक गए थे। इससे यह स्थान भक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का एक मौन गवाह बन गया।
देश के 108 हिंदू मंदिरों को करेंगे पुनर्जीवित
श्री पंच भूतेश्वर महाकाल मंदिर का पुनर्निर्माण ऑगनाइजेशन के 'रामदूतरेस्टोर्स' पहल के तहत किया गया, जो देश में 108 हिंदू मंदिरों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखता है। ऑगनाइजेशन के भंडारा शहर अध्यक्ष प्रथम उमेले ने बताया कि "भूतेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण का काम तीन महीने पहले शुरू हुआ था। इस परियोजना की लागत 16.30 लाख रुपए थी, जो क्राउडफंडिंग से जुटाई गई थी।" इस पहल में 30-40 लोगों की टीम ने मिलकर काम किया।
भक्तों में खुशी
उन्होंने बताया कि अगला प्रोजेक्ट गुजरात में शुरू किया जाएगा। जय सिया राम सेना ऑगनाइजेशन ने एक ऐतिहासिक मंदिर को पुनर्जीवित कर इतिहास में नाम दर्ज कर लिया है, जिससे भक्तों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
Updated on:
16 Jul 2024 09:23 am
Published on:
12 Jul 2024 10:33 pm
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