31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में नौकरियों के लिए फिर आ रही हैं भर्तियां

राज्य में वर्तमान मे प्रदेश में कनिष्ठ विधि अधिकारियों के 130 पद रिक्त है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rahul Singh

Sep 22, 2022

Secretariat

Secretariat

राज्य में वर्तमान मे प्रदेश में कनिष्ठ विधि अधिकारियों के 130 पद रिक्त है। इन रिक्त पदों पर भर्ती करने की स्वीकृति के लिए पत्रावली वित्त विभाग में विचारधीन है।

विधि और विधिक कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने गुरूवार को विधानसभा में प्रश्नकाल में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो रिक्त पद है उनमें 87 पद पदोन्नत होने से एवं 43 पद विभिन्न विभागों में पद सृजित होने से रिक्त हुए है।

वेद अध्यापकों की नियमित भर्ती प्रक्रिया जल्द:

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ.बी.डी. कल्ला ने गुरूवार को विधानसभा में आश्वस्त किया प्रदेश के संस्कृत महाविद्यालयों एवं जगदगुरू रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में आगामी एक महीने में वेदों के अध्यापन के लिए वेद अध्यापकों के सेवा नियम तथा रोस्टर प्रणाली लागू कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

डॉ. कल्ला ने प्रश्नकाल में सदस्यों की ओर से इस सम्बन्ध में पूछे पूरक प्रश्नों के जवाब में कहा कि यह सही है कि संस्कृत विश्व विद्यालय एवं संस्कृत महाविद्यालयों में वेदों का अध्यापन कराने के लिए व्याख्यता, एसोसिएट प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर एवं प्रोफेसर की नियमित भर्ती नहीं की गई है, लेकिन संस्कृत शिक्षा एवं वेदाें का अध्ययन प्रभावित नहीं हो इसके लिए हमने विद्या सम्बल योजना के तहत लेक्चरर को 20 हजार रूपए, एसोसिएट प्रोफेसर को 40 हजार रूपए और प्रोफेसर को 50 हजार रूपए मासिक दिये जा रहे है।

उन्होंने कहा कि यह सही है कि संस्कृत शिक्षा एवं वेदों के अध्धयन के लिए सेवा नियम 1978 में बने थे, लेकिन उसके बाद आज तक इस क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हुआ है। डॉ. कल्ला ने कहा कि संस्कृत शिक्षा एवं वेदों का हमारे समाज में महत्वपूर्ण स्थान है और हम वेदों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए हर सम्भव प्रयास सुनिश्चित करेंगें। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि संस्कृत महाविद्यालयों में रिक्त पदों को राजस्थान लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरा जायेगा।

Story Loader