
सहकारिता विभाग (cooperative Department) ने जयपुर जिले की 10 गृह निर्माण सहकारी समितियों (10 housing cooperatives ) के पंजीयन निरस्त (
Registration canceled) कर दिए हैं। इन समितियों द्वारा ऑडिट नहीं कराने, रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने एवं अन्य अनियमितिताओं के कारण पंजीयन निरस्त करने की कार्यवाही की गई है। गौरतलब है कि गृह निर्माण सहकारी समितियों की ओर सेआमजन के साथ की जा रही धोखाधड़ी की शिकायतों को देखते हुए प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा (Principal Secretary Kunjilal Meena) ने अवसायनाधीन गृह निर्माण सहकारी समितियों एवं अनियमितता वाली गृह निर्माण सहकारी समितियों (Under-construction Housing Cooperative Societies and Irregular Home Building Cooperative Societies ) के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों की पालना करते हुए विभाग ने ऐसी समितियों को चिह्नित कर यह कार्यवाही की है।
इन समितियों के खिलाफ कार्यवाही
जिन गृह निर्माण सहकारी समितियों का पंजीयन निरस्त किया गया है उनमें किशनगढ़, रेनवाल आदर्श गृह निर्माण सहकारी समिति ,बनेठी गृह निर्माण सहकारी समिति, जमवारामगढ़ नवभारत गृहनिर्माण सहकारी समिति, सिरसली गृह निर्माण सहकारी समिति, लखेर गृह निससलि, देवदानी गृह निर्माण सहकारी समिति, अचरोल गृह निर्माण सहकारी समिति, गोविन्दगढ़ गृह निर्माण सहकारी समिति, बोबाडी गृह निर्माण सहकारी समिति, एवं रूपवास मॉडलगृह निर्माण सहकारी समिति शामिल हैं। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि पंजीयन निरस्त की गई इन समितियों से इनकी नई योजनाओं के पट्टे किसी भी स्थिति में नही खरीदें।
गृह निर्माण सहकारी समितियों से पट्टे लेने से पूर्व जानकारी अवश्य लें
विभाग ने आमजनता से भी अपील की है कि सोसायटी संबंधित सोसायटी से पट्टा लेने से पूर्व उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के कार्यालय से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। बेकडेट व पूर्व दिनांकित पट्टों के जगह वर्तमान दिनांक, जिसको आप पट्टा ले रहे अंकित होनी चाहिए। भुगतान की राशि चैक के जरिए देनी चाहिए। अवसायनाधीन गृह निर्माण सहकारी समितियों जिनमें कांट आदर्श गृह निर्माण सहकारी समिति, नांगल बोहरा गृह निर्माण सहकारी समिति और राजकिरण गृह निर्माण सहकारी समिति में किसी भी प्रकार की कार्यवाही केवल समिति अवसायक ही कर सकते हैं।
कुछ व्यक्ति समितियों के मिलते जुलते नामों से भी अवैध भूमि/भूखंड की खरीद फरोख्त कर रहे हैं, जबकि उक्त समितियों का वैधानिक अस्तित्व नहीं है। अत: इनके नाम से जारी पट्टे केवल जालसाजी एवं धोखाधड़ी है, ऐसे पट्टे आपको स्वामित्व प्रदान नहीं करते हैं। बिना पूछताछ के एवं बिना पर्याप्त जानकारी, समितियों की योजनाओं के पट्टों को कभी न खरीदे अन्यथा आपकी पूंजी डूब जाएगी एवं आप कभी भी अतिक्रमी के रूप में बेदखल किए जा सकते हैं।
इनका कहना है,
बिना पूछताछ के एवं बिना पर्याप्त जानकारी, समितियों की योजनाओं के पट्टों को कभी न खरीदे अन्यथा आपकी पूंजी डूब जाएगी। हाल ही में विभाग ने जयपुर की दस गृह निर्माण सहकारी समितियों के पंजीयन निरस्त किया है। ऑडिट नहीं होने एवं रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने पर की कार्यवाही की गई है।
मुक्तानंद अग्रवाल,
रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग।
Published on:
02 Feb 2021 10:55 pm

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