इंटरनेशनल ब्रेस्ट कैंसर कॉन्फ्रेंस एंड प्रेसीजन ऑंकोलॉजी कॉन्फ्रेंस की शुरुआत जयपुर में
देश के जाने माने कैंसर विशेषज्ञ जयपुर में जुटे है। जो कैंसर के इलाज की तकनीक को लेकर चर्चा कर रहे हैं। तीन दिवसीय इंटरनेशनल ब्रेस्ट कैंसर कॉन्फ्रेंस एंड प्रेसीजन ऑंकोलॉजी कॉन्फ्रेंस आईबीसीसी 2022 की शुरुआत जयपुर के जेएलएन मार्ग पर शुरू हुई।
कॉन्फ्रेंस में आज विशेषज्ञ फेफड़ों एवं आंतो से संबंधित कैंसर के होने के कारण और इसके निदान पर चर्चा करेंगे। पहले दिन सिर व गले के कैंसर से जुड़े कैंसर पर चर्चा हुई।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज व स्टेट कैंसर संस्थान के डायरेक्टर डॉ.संदीप जसूजा ने बताया कि आईबीसीसी 2022 में भारत के नामी अस्पतालों के डॉक्टर्स शामिल हो रहे हैं।
जिसमें एम्स दिल्ली और जोधपुर, पीजीआई चंडीगढ़, सीएमसी वेल्लोर टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई, जीसीआरआई अहमदाबाद अस्पताल से जुड़े कैंसर विशेषज्ञ शामिल हुए है।
पहले दिन सिर एवं गले का कैंसर विषय पर इसके होने के कारणों और उपचार को लेकर चर्चा की गई। विषय पर नेशनल व इंटरनेशनल कैंसर विशेषज्ञों ने विचार रखे।
इस दौरान बताया गया कि गले का कैंसर तब होता है जब गले की कोशिकाओं में आनुवंशिक परिवर्तन हो जाते हैं। ये उत्परिवर्तन कोशिकाओं को अनियंत्रित रूप से बढ़ने का कारण बनते हैं और स्वस्थ कोशिकाओं के सामान्य रूप से मरने के बाद भी जीवित रहते हैं। जमा होने वाली कोशिकाएं आपके गले में ट्यूमर बना सकती हैं। इसी तरह ब्रेन के कैंसर का खतरा होता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि देश में सालाना 11 लाख से अधिक कैंसर के मरीज डिटेक्ट हो रहे है। इनमे से 70 फीसदी मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलने और जागरूकता के अभाव में जान गंवानी पड़ती हैं।
महिलाओं के साथ साथ अब पुरुषों में भी तेजी से ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ रहे है। वहीं विशेषज्ञ कैंसर इलाज की नई तकनीक निजात कर रहे हैं।
कैंसर के इलाज की नई तकनीकों को लेकर इंटरनेशनल ब्रेस्ट कैंसर कॉन्फ्रेंस एंड प्रेसीजन ऑंकोलॉजी कॉन्फ्रेंस में नई और बिना दर्द के की जा रही है तकनीकों को लेकर चर्चा हो रही हैं।