
जयपुर. प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में मिले मुस्लिम जातियों को आरक्षण की समीक्षा करने के मंत्री अविनाश गहलोत के बयान के बाद मुस्लिम संगठनों में नाराजगी है। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि अगर ओबीसी में मिले आरक्षण से छेड़छाड़ की गई तो सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। मुस्लिम समाज से जुड़े राजस्थान मुस्लिम फोरम, जमीयत उलेमा हिंद, राजस्थान मिल्ली काउंसिल, मुस्लिम महासभा जैसे संगठन सरकार के इस बयान के खिलाफ मुखर हो गए हैं। मुस्लिम समाज से जुड़े सभी संगठन जल्द ही एक बड़ी बैठक बुलाएंगे। जिसमें अगले माह जयपुर में एक बड़ी महापंचायत बुलाने पर फैसला लिया जाएगा। सरकार के फैसले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने के साथ ही आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।
अशोक गहलोत सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2000 में प्रदेश की 14 से अधिक मुस्लिम जातियों को ओबीसी में आरक्षण मिला था। मुस्लिम समाज की कायमखानी, देशवाली, मनिहार, सिंधी मुसलमान, बिसायती, चौपदार, कसाई, खेलदार, मिरासी, धोबी, लोहार, तेली, भिश्ती, मंसूरी, जुलाहा जैसी जातियों को ओबीसी में आरक्षण मिला हुआ है। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को पीसीसी मुख्यालय में कहा कि उस समय ओबीसी आयोग की सिफारिश के आधार पर ही मुस्लिम जातियों को ओबीसी में आरक्षण दिया गया था।
सरकार अगर आरक्षण से छेड़छाड़ करेगी तो हम कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ सड़कों पर संघर्ष करेंगे, जल्द ही इसके लिए बड़ी बैठक बुला रहे हैं।- अब्दुल लतीफ आरको, अध्यक्ष मुस्लिम तेली महापंचायत
Updated on:
28 May 2024 09:37 am
Published on:
28 May 2024 09:36 am
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