
जयपुर . भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद से परनामी के इस्तीफे के बाद नगर निगम में भी सियासी हलचल तेज हो गई है।
नया प्रदेश अध्यक्ष आने से पहले नगर निगम में गठित संचालन समतियों को प्रभावी करने में जुटे जन प्रतिनिधियों और नेताओं ने एकबारगी इन समितियों की सूची ही फाइनल कर ली। फिर ख्याल आया कि नए प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष गलत सन्देश न चला जाए, इसलिए सूची रोक दी गई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार परनामी इस्तीफा दे चुके हैं और नए अध्यक्ष के साथ समन्वय बैठाने में समय लगेगा। महापौर, शहर भाजपा अध्यक्ष व परनामी की मंशा पूरी हो, यह पूरी तरह संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में नया अध्यक्ष आने से पहले नेता अपने चहेते पार्षदों को चेयरमैन बनाने की कोशिश में जुट गए। इसमें विधायकों की अनुंशसा महत्वपूर्ण है।
शहरी सरकार की तस्वीर
कुल पार्षद 91
भाजपा 64
कांग्रेस 19
निर्दलीय 8
यूं चला घटनाक्रम
- नगर निगम से लेकर भाजपा संगठन तक मंथन चलता रहा।
- परनामी, शहर भाजपा अध्यक्ष संजय जैन, महापौर अशोक लाहोटी के बीच भी चर्चा हो चुकी है। सूची पहले ही फाइनल हो चुकी है लेकिन औपचारिक तौर पर फैसला होना है।
- दोपहर तक सूची फाइनल कर स्वायत्त शासन विभाग के अफसरों को मैसेज कर दिया गया।
- फिर ख्याल आया कि नए अध्यक्ष को गलत मैसेज जाएगा, इसके बाद सूची रोक दी गई।
13 दिसम्बर 2016 को लिए थे इस्तीफे
- शहरी सरकार के गठन के 24 माह 17 दिन बाद महापौर का इस्तीफा हुआ और उसके 12 घंटे बाद पार्टी ने आधी रात को सभी संचालन समितियों के अध्यक्षों से इस्तीफे ले लिए। अशोक परनामी की मौजूदगी में यह घटनाक्रम चला। नियम-उपनियम समिति सहित संचालन समितियों की संख्या 21 है।
25 समितियों पर चर्चा
समितियां लगभग 25 होंगी। झोटवाड़ा व बगरू विधानसभा में 2-2 और बाकी विधानसभा क्षेत्रों से 3-3 पार्षदों को चेयरमैन बनाया जाएगा। चेयरमैन पदों पर पुराने चेहरे ही होंगे, सिर्फ समितियां बदलेंगी। निगम में अब तक अधिकतम 21 समितियां बनाई जाती रही हैं।
Published on:
21 Apr 2018 12:07 pm
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