कल देर रात जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर (Jaipur Association of Resident Doctor’s ) की चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी रविकांत (Medical and Health Department Chief Government Secretary T Ravikant ) से हुई वार्ता के बाद जहां हड़ताल समाप्त करने के बाद रेजिडेंट्स (residents) ने हड़ताल समाप्त कर अस्पताल में वापस आकर अपना काम संभालने का ऐलान कर दिया वहीं दूसरी ओर इस निर्णय के साथ ही रेजिडेंट्स डॉक्टर्स दो गुटों में बंट गए। दूसरे गुट जार्ड- ज्वॉइंट एक्शन कमेटी (Jard – Joint Action Committee) ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। कमेटी से जुड़े डॉक्टर राजेश कुमावत ने कहा गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के आरडी हॉस्टल में हुई रेजिडेंट्स की जीबीएम में इस संबंध में निर्णय लिया गया है। उनका कहना था रेजिडेंट्स चिकित्सक आरटीएच बिल की खामियों को लेकर विरोध व्यक्त कर रहे हैं । जार्ड के पदाधिकारियों को सरकार ने अगवा कर आंदोलन को समाप्त करवा दिया है लेकिन हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि वर्तमान जार्ड के यह पदाधिकारी कल से हमारे सम्पर्क में नहीं हैं। जार्ड के सभी रेजिडेंट्स आज भी आरटीएच बिल के खिलाफ हैं और रेजिडेंट्स वर्तमान जार्ड की ओर से लिए गए निर्णय में उनके साथ नहीं हैं । रेजिडेंट्स को दबाब में डालकर तानाशाही और दमनकारी तरीके से बिना विश्वास में लिए हुए यह निर्णय लिया गया है। ऐसे में अब इस मुददे पर नई संघर्ष समिति काम करेगी और वही निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी। लेटर में यह भी लिखा है कि राजस्थान के सभी आरडीए और रेजिडेंट्स को सूचित किया जाता है हमारा आंदोलन अनवरत जारी है और तब तक जारी रहेगा जब तक कि सरकार हमारी मांगे ना मान लें। भविष्य में डॉक्टर हित में जो भी निर्णय लिया जाएगा वह जार्ड जीडीएम की ओर से ही लिया जाएगा।