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जयपुर। सिरसी मोड़ से मुंडियारामसर तक करीब छह किलोमीटर का रास्ता जेडीए की लापरवाही से ‘मौत का रास्ता’ बन चुका है। एक ओर सड़क पूरी तरह बंद है, जबकि दूसरी संकरी लेन पर दोनों दिशाओं से ट्रैफिक दौड़ रहा है। हर कुछ मिनट में वाहन आमने-सामने आ रहे हैं और बड़ा हादसा सिर्फ वक्त का इंतजार लग रहा है।
राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने मौके पर हालात देखे, जो भयावह नजर आए। लू के थपेड़ों के साथ उड़ती धूल, टूटी-फूटी सतह और बिना किसी ट्रैफिक मैनेजमेंट के गुजरते वाहन नजर आए।
हर मोड़ पर खतरा
-एक सडक़ रख-रखाव के अभाव में पूरी तरह बंद
-दूसरी पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही
-कई बार आमने-सामने टकराने की नौबत
टेंडर पर टेंडर, जमीन पर धूल के गुबार और हादसे की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे हिस्से के लिए जेडीए तीन बार टेंडर जारी कर चुका है, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हो पाया। सिवाड़ मोड़ से निमेड़ा मोड़, सिरसी मोड़ से सिवाड़ मोड़ तक अलग-अलग 7 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर किए गए। मौके पर धूल के गुबार उठ रहे हैं और हादसे की हर पल आशंका बनी रहती है।
ये भी किया
-सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां ड्रेनेज लाइन डाली गई, वहां आज तक सडक़ नहीं बनी। ग्रेवल डालकर छोड़ दिया गया। उल्टा, जिस ओर सडक़ सही हालत में थी, उसी पर नई परत चढ़ा दी गई। जेडीए की मूर्तिकला कॉलोनी के पास नई सडक़ भी बरसात में उधड़ गई। अब तक इसे सही नहीं कराया है।
पुराने भूले, अब नए से उम्मीद
अब तक की बदहाली के लिए जोन-12 के तत्कालीन एक्सईएन सुरेंद्र पंवार जिम्मेदार रहे। बीते दिनों एक्सईएन के जोन बदल दिए। अब मुरारी लाल मीणा को सौंपी गई है।
Updated on:
13 Apr 2026 06:32 am
Published on:
13 Apr 2026 06:32 am
