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कैल्शियम तोड़ स्टेंट लगाने में मददगार Rota Angioplasty

- एंजियोप्लास्टी का ट्रेंड बदल रही हैं नई तकनीकें

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जयपुर

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Tasneem Khan

Mar 14, 2021

 Rota angioplasty helpful in applying calcium break stent

Rota angioplasty helpful in applying calcium break stent

Jaipur हर साल हमारे देश में कोरोनरी आर्टरी से जूझ रहे पांच लाख से अधिक मरीजों की एंजियोप्लास्टी होती हैं। इनमें भी हमारे हार्ट का 70 प्रतिशत ब्लड सप्लाई करने वाली लेफ्ट मेन आर्टरी और कैल्सिफाइड ब्लॉकेज वाली आर्टरी में एंजियोप्लास्टी करना बहुत चुनौतीपूर्ण काम होता है। अब कुछ नई जांच तकनीकों और एंजियाप्लास्टी में काम आने वाले नई जनरेशन के स्टेंट्स से एंजियोप्लास्टी का ट्रेंड बदल रहा है और जटिल केस भी आसानी से हो रहे हैं। एक जागरूकता कार्यक्रम में कार्डियोलोजिस्ट डॉ. जितेंद्र मक्कड़ ने बताया कि इंट्रावस्कुलर अल्ट्रासाउंड तकनीक से आर्टरी की सिकुड़न, ब्लॉकेज की लंबाई और कठोरता, आर्टरी में जमे कैल्शियम के बारे में पता चलता है।

ओसीटी है कारगर
ऑप्टीकल कोहैरेंस टोमोग्राफी ऑप्टीकल इमेजिंग तकनीक है, जो इंफ्रारेड लाइट का इस्तेमाल कर रक्त वाहिकाओं के अंदर का दृश्य देखने और प्लाक के प्रकार व फैलाव को जानने में मदद करता है। साथ ही इससे स्टेंट के साइज, फैलाव और उसके सही खुलने की सही रिपोर्ट भी देता है। इन तकनीकों से कठोर से कठोर कैल्शियम वाले ब्लॉकेज में भी स्टेंट लगाया जा सकता है। इंट्रा वैस्कुलर अल्ट्रासाउंड एवं ओ सी टी से यह जानने में मदद मिलती है कि इनमें से कौनसी तकनीक इस्तेमाल की जाए।

घुलने वाला स्टेंट भी
अब साइज को एडजस्ट करने वाले स्टेंट भी आ गए हैं जो ब्लॉकेज को पूरी तरह कवर कर लेते हैं और उनमें इस्तेमाल होने वाले पॉलीमर भी आर्टरी में घुल जाता है। वहीं अगर एंजियोप्लास्टी के काफी समय बाद मरीज को उसी आर्टरी में फिर से ब्लॉकेज हो जाए तो ऐसी स्थिति से बचने के पीएलएल से बने बायोरिसोर्बेबल स्टेंट के इस्तेमाल का प्रचलन बढ़ने लगा है। ये स्टेंट आर्टरी में इंप्लांट होने के एक से डेढ़ साल बाद शरीर में ही घुल जाएगा और आर्टरी को वापस उसकी शेप में ले आएगा। इन तकनीकों से अब एक्सपर्ट दाएं हाथ के अंगूठे के पीछे की बड़ी नस से भी कैथेटर का इस्तेमाल कर हार्ट तक अपनी पहुंच को और छोटा व सुगम बना रहे हैं। इसमें आर्टरी के नुकसान होने से लेकर प्रोसीजर में लगने वाला समय भी कम होता है।