
जयपुर। खाटू नगरी में मेले की रौनक बनी हुई है। 11 दिन का ये वार्षिक मेला 22 फरवरी से शुरू हुआ है ,और मार्च के पहले सप्ताह तक चलेगा। मेले में लाखों भक्त दर्शन के लिए आ रहें हैं। पिछले 3 सालों में कोरोना के कारण भक्तों की संख्या में थोड़ी कमी रही थी, लेकिन इस बार देश भर के राज्यों से बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंच रहे है। लक्खी मेले के दौरान यहां कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। लक्खी मेले का शृद्धालुओं को बेसब्री से इंतज़ार भी रहता है। कोई पैदल चलकर तो कोई दंडवत होकर बाबा श्याम के दरबार में अपनी हाज़िरी लगा रहा है।
श्री श्याम मंदिर कमेटी ने पुलिस और प्रशासन के सहयोग से मेले में आने वाले भक्तों के लिए खास इंतजाम किए गए है। मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की जानकारी माइक के जरिए दी जा रही है। जिससे उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। उधर मेले में शामिल होने के लिए श्याम भक्तों की पदयात्रा जगह जगह से रवाना होने लगी हैं। जिसमें श्याम भक्त जयकारे लगाते हुए पद यात्रा कर रहे हैं । इससे खाटू नगरी श्याम मय हो गई है।
रींगस से खाटूधाम तक 17 किलोमीटर लंबी कतार के बाद बाबा श्याम के दर्शन हो रहे हैं। हाथ में निशान लेकर पांच-छह घंटे चलने के बाद बाबा श्याम के दर्शन होते हैं। इतनी दूरी तय करने के बाद भी खाटू नरेश को देखकर भक्त अपने पैरों के छाले और थकान भूल जाता है। डीजे का शोर बंद है इस वजह से अब ढोल नगाड़ों पर नाचते-गाते हुए श्रद्धालु दरबार में आ रहे हैं।
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इस बार मेले में कई बड़े बदलाव भी किये गए है। भक्तों को बाबा के झंडे को मंदिर तक ले जाने की अनुमति नहीं है। सभी झंडे को एकत्रित कर लखदातार के मैदान के पास ही रखा जा रहा है। बाबा के दरबार तक पहुंचने के लिए भक्तों को मुख्य मेला मैदान से 75 फीट लंबी 14 पंक्तियों से गुजरना पड़ेगा। साथ ही मंदिर के भीतर 16 नई कतारों की व्यवस्था भी की है।
Published on:
24 Feb 2023 02:36 pm
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