19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

… तो क्या राजस्थान में सचिन पायलट को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

Rajasthan Politics : कांग्रेस ने अपने सत्ताधारी राज्यों में सरकार रिपीट करने के लिए नेताओं के बीच सुलह के फार्मूले को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ से कर दी गई है।

2 min read
Google source verification
sachin pilot may get new responsibility in rajasthan

Rajasthan Politics : जयपुर। कांग्रेस ने अपने सत्ताधारी राज्यों में सरकार रिपीट करने के लिए नेताओं के बीच सुलह के फार्मूले को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ से कर दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में वरिष्ठ नेता और मंत्री टी.एस. सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसे इन दोनों नेताओं के बीच चल रहे शीतयुद्ध को खत्म करने की दिशा में कदम बताया जा रहा है, वहीं अब राजस्थान में भी इसी फार्मूले को लागू करने की कवायद शुरू हो गई है। कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार अगले कुछ दिनों में राजस्थान कांग्रेस को लेकर कुछ फैसले होंगे।

इसमें सचिन पायलट को कोई न कोई जिम्मेदारी की संभावना दिख रही है। इसके लिए कुछ नए विकल्प भी कांग्रेस ने तैयार किए हैं। एक विकल्प ये है कि पायलट को कांग्रेस का राष्ट्रीय महामंत्री, कार्यसमिति सदस्य और राजस्थान की चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी देना। इसकी संभावना ज्यादा लग रही है। वहीं दूसरा विकल्प पायलट को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का पद देने का है। इसे लागू किया तो वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ किसी वरिष्ठ मीणा विधायक को सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : ...तो सचिन पायलट का यह दांव पड़ सकता है सीएम गहलोत पर भारी!

इसमें कांग्रेस ये भी देखेगी कि जाट वोट बैंक नाराज न हो। यदि डोटासरा को सरकार में फिर से जिम्मेदारी दी जाती है तो मंत्रिमंडल में बदलाव जरूरी होगा, क्यों कि सरकार में मंत्री बनाने के लिए अधिकतम 30 की संख्या पहले से ही पूरी है। हालांकि इन सब विकल्पों के बारे में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी करेंगे।

माना जा रहा है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक यह सब फैसले लिए जाएंगे और कांग्रेस पूरी तरह से चुनाव के मैदान में अपने नेताओं की भूमिका को तय कर देगी। गौरतलब है कि प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने बुधवार को खरगे से मुलाकात भी की थी। इससे पहले मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की भी खरगे और हरीश चौधरी की राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी।

जुलाई के मध्य में कांग्रेस बडे स्तर पर बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन करने की योजना बना रही है। सम्मेलन में आने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी को न्योता दिया गया है। इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इस बीच सालासर में एक और दो जुलाई को होने वाला विधायकों का चिंतन शिविर दिल्ली में बैठकों की संभावनाओं को देखते हुए रद्द किया गया है।